बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों का बड़ा सैन्य अभियान, दो दिनों की झड़पों में 140 से अधिक लोगों की मौत

Vin News Network
Vin News Network
4 Min Read
बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों की कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण

पाकिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत बलूचिस्तान में बीते दो दिनों के दौरान सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए एक व्यापक सैन्य अभियान में 140 से अधिक लोगों की मौत हो गई। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह अभियान करीब 40 घंटे तक चला और इसे प्रांत में हुए “तालमेल वाले” बंदूक और बम हमलों की एक श्रृंखला के जवाब में अंजाम दिया गया।

प्रांतीय मुख्यमंत्री सरफराज बुगती के हवाले से बताया गया है कि हालिया हिंसा के बाद सुरक्षा बलों ने अलग-अलग इलाकों में सघन कार्रवाई की। यह अभियान बलूचिस्तान में हाल के वर्षों में हुई सबसे गंभीर हिंसक घटनाओं में से एक माना जा रहा है।

आईएसपीआर का दावा: 92 उग्रवादी मारे गए
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के अनुसार, इस सैन्य अभियान में 92 उग्रवादियों को मार गिराया गया। वहीं, 15 आम नागरिकों की भी मौत की पुष्टि की गई है। पाकिस्तान के प्रमुख अखबार एक्सप्रेस ट्रिब्यून ने आईएसपीआर के हवाले से यह जानकारी प्रकाशित की।

आईएसपीआर के बयान में कहा गया है कि सुरक्षा बलों ने कई स्थानों पर कार्रवाई की, जहां से कथित तौर पर हमले किए गए थे।

सुरक्षा बलों को भी भारी नुकसान
प्रांतीय मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि हालिया हमलों और जवाबी कार्रवाई के दौरान पुलिस, फ्रंटियर कोर और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के 17 जवान मारे गए। इसके अलावा, पाकिस्तानी नौसेना के एक अधिकारी की भी मौत हुई है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, कुल मिलाकर इन घटनाओं में 31 लोगों की मौत हुई है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं। घायलों को स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

नागरिक इलाकों में हमले का आरोप
पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने आरोप लगाया कि हमलावर आम नागरिकों के वेश में अस्पतालों, स्कूलों, बैंकों और बाजारों में दाखिल हुए और अचानक गोलीबारी शुरू कर दी।

तलाल चौधरी ने कहा,
“हर मामले में, हमलावर नागरिकों के रूप में आए और दुकानों में काम करने वाले आम लोगों को अंधाधुंध निशाना बनाया।”

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलों के दौरान नागरिकों को मानव ढाल के रूप में इस्तेमाल किया गया, जिससे जान-माल का नुकसान बढ़ा।

हमलों की जिम्मेदारी बलूच लिबरेशन आर्मी ने ली
इन हमलों की जिम्मेदारी अलगाववादी संगठन बलूच लिबरेशन आर्मी (बीएलए) ने ली है। संगठन ने दावा किया कि उसने ‘हीरोफ’ या ‘काला तूफान’ नाम से एक संगठित अभियान चलाया, जिसके तहत पूरे बलूचिस्तान में सुरक्षा बलों को निशाना बनाया गया।

बीएलए ने दावा किया है कि उसने सुरक्षा बलों के 80 से अधिक जवानों को मार डाला और 18 को बंदी बना लिया। हालांकि, पाकिस्तानी अधिकारियों ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।

बलूचिस्तान में लंबे समय से जारी विद्रोह
बलूचिस्तान पाकिस्तान का क्षेत्रफल के लिहाज से सबसे बड़ा लेकिन आर्थिक रूप से सबसे पिछड़ा प्रांत है। यह क्षेत्र प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध है और इसकी सीमाएं ईरान और अफगानिस्तान से लगती हैं।

यहां दशकों से विद्रोह जारी है। बलूच समुदाय के अलगाववादी समूह लंबे समय से अधिक स्वायत्तता और प्रांत के प्राकृतिक संसाधनों में बड़े हिस्से की मांग करते रहे हैं। हाल के वर्षों में सुरक्षा बलों, आम नागरिकों और बुनियादी ढांचे पर हमलों में तेजी आई है।

हालिया हिंसा से बढ़ी चिंता
हालिया घटनाओं को बलूचिस्तान में हिंसा की सबसे खतरनाक लहरों में से एक माना जा रहा है। लगातार हो रहे हमलों और जवाबी सैन्य अभियानों के कारण प्रांत की सुरक्षा स्थिति को लेकर चिंता बढ़ गई है।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *