नई दिल्ली। कांग्रेस नेता और AICC मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने कहा, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर के बयान के बाद पाकिस्तान और पूरी दुनिया में हमारी खिल्ली उड़ रही है। इसलिए राहुल गांधी बार-बार कह रहे हैं कि आपको जवाब देना चाहिए कि आपने पाकिस्तान को जो चेतावनी दी थी, उससे देश को क्या नुकसान हुआ? हमारे लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि देश के कितने विमान गिरे, देश को क्या नुकसान हुआ और कितने आतंकवादी बच निकले? BJP देशहित के मुद्दों पर ओछी राजनीति कर रही है। उसके बाद भी सोचती है कि विपक्ष चुप रहेगा और देश की सुरक्षा से जुड़े सवाल नहीं पूछेगा।
हम सवाल पूछते रहेंगे और नहीं पूछेंगे तो देश में आतंकी घटनाएं होती रहेंगी। इतिहास में दर्ज है कि जब मोरारजी देसाई प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने जनरल ज़िया उल-हक को फोन कर कहा कि हमें R&AW वालों ने बताया है कि काहुटा में न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को लेकर पाकिस्तान की क्या तैयारी चल रही है?
उन्होंने सारी डिटेल पाकिस्तान को बता दीं। इस घटना के कुछ दिन बाद ही हमने R&AW के कई लोगों को गंवा दिया और उनकी दशकों की मेहनत बर्बाद हो गई। आपको बता दें कि ये जानकारी पाकिस्तान को देने वाले मोरारजी को ‘निशान-ए-पाकिस्तान’ से नवाजा गया। मोरारजी देसाई के इस पाप की कीमत आज भी देश अदा कर रहा है। इसी तरह एस. जयशंकर ने जो किया, वह पाप की श्रेणी में आता है। हमारे सैनिकों ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया था, लेकिन अचानक से डोनाल्ड ट्रंप आए और उन्होंने सीजफायर करा दिया। हमें सिंदूर से समझौता मंजूर नहीं है। देश से गद्दारी मंजूर नहीं है- चाहे वो कोई भी, किसी भी पद पर हो- हम सवाल पूछेंगे।
वन खेड़ा ने कहा, कल खबर आई कि देश में ISI से जुड़े कुछ जासूस पकड़े गए हैं। पहले भी खबर आई थी कि DRDO का प्रदीप कुरुलकर, जो RSS से जुड़ा हुआ था, वह पाकिस्तान को सूचना देता था। वहीं, एक खबर और आई थी कि BJP का ध्रुव सक्सेना ISI के लिए काम करते हुए पकड़ा गया।
लेकिन उनका क्या हुआ?
- क्या BJP-RSS का मुखबिरी का इतिहास है?
- क्या रिश्ता है आपका पाकिस्तान के साथ?
नरेंद्र मोदी जब गुजरात के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने कहा था कि- समस्या बॉर्डर पर नहीं है- समस्या दिल्ली में है।आज इसी समस्या के बारे में हम आपको बता रहे हैं कि देश में ऐसे लोग हैं, जो पाकिस्तान को सारी बातें पहले ही सूचित कर देते हैं। एस. जयशंकर इस तरह के बयान देकर हमारे देश को हंसी का पात्र बना रहे हैं।
इसलिए सरकार जवाब दे कि
- देश ने कितने विमान खोए?
- देश को क्या नुकसान हुआ?
- कितने आतंकी बचकर भाग गए?
विदेश मंत्री एस. जयशंकर जी ने ख़ुद मीडिया एजेंसियों को बताया कि हमने हमला करने से पहले पाकिस्तान को सूचित कर दिया था।
- अब ये सूचित करने का क्या मतलब होता है?
- विदेश मंत्री जी को पाकिस्तान पर इतना भरोसा है कि उनके कहने पर आतंकी चुपचाप बैठेंगे?
- विदेश मंत्री जी का क्या रिश्ता है और उन्होंने हमले से पहले पाकिस्तान को क्यों बताया?
दरअसल, इसे कूटनीति नहीं बल्कि मुखबिरी कहा जाता है। विदेश मंत्री ने जो बोला उसे सबने सुना- फिर भी इसपर लीपापोती की जा रही है। क्या इसी मुखबिरी की वजह से मसूद अज़हर ज़िंदा बच गया और हाफिज सईद ज़िंदा भाग गया?
क्या देश को जानने का हक़ नहीं है कि पाकिस्तान को हमले की सूचना देकर मसूद अज़हर को दोबारा बचाया गया, क्योंकि इससे पहले मसूद अज़हर को कंधार हाईजैक के समय छोड़ा गया था। विदेश मंत्री का यह बयान संवेदनशील है, क्योंकि इस बयान से तो यही लगता है कि आतंकी अपने ठिकानों से भाग गए होंगे। ऐसा क्यों किया गया, इस पर प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री को जवाब देना होगा।
युद्ध सिर्फ सीमाओं पर ही नहीं लड़े जाते, बल्कि राजनीति के रणनीतिकारों द्वारा भी लड़े जाते हैं। सेनाएं बहादुरी से सीमाओं पर अपना काम करती हैं, तो युद्ध में बहुत अहम् भूमिका उन रणनीतिकारों की भी होती है जो राजधानी में बैठे होते हैं। इन तमाम लोगों की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है।
जो सेना के पराक्रम को या तो बूस्ट कर सकती है या सेना के पराक्रम को नुकसान पहुंचा सकती है। हमारे नेता राहुल गांधी जी ने विदेश मंत्री के बयान पर कुछ सवाल पूछे हैं। यह बहुत महत्वपूर्ण इसलिए हो जाता है, क्योंकि पिछले एक हफ्ते में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अलग-अलग देशों में एक बात दोहराते रहे कि उन्होंने युद्ध रुकवाने में मध्यस्थता की।
ट्रंप ने एक बहुत खौफनाक बात यह भी बोली कि उन्होंने भारत को व्यापार रोकने की धमकी देकर युद्ध रुकवाया। यानी सिंदूर का सौदा होता रहा, प्रधानमंत्री चुप रहे। विदेश मंत्री के मुंह से एक शब्द नहीं निकल रहा।
- हमें नहीं मालूम कि अमेरिका और चीन के पास PM मोदी, विदेश मंत्री और BJP के नेताओं के ऐसे कौन से राज हैं, क्योंकि इनका कभी अमेरिका और चीन के आगे मुंह नहीं खुलता।
- जब भी मुंह खुलता है तो सीधा clean chit देने के लिए खुलता है।
- आपके जो रहस्य उनके पास होंगे, हमें उनसे कोई मतलब नहीं, लेकिन उससे देश को नुकसान क्यों पहुंच रहा है?
पहलगाम हमले का न्याय क्यों नहीं मिल पाएगा, क्योंकि आप चीन और अमेरिका से डरते हैं। पूरे देश और दुनिया को मालूम है कि इस युद्ध में चीन की क्या भूमिका रही है और अमेरिका ख़ुद इस युद्ध को रोकने में अपनी भूमिका आगे बढ़-चढ़कर बता रहा है, लेकिन जयशंकर जी का मुंह नहीं खुलता।