राजस्थान के झुंझुनूं जिले में इस्लामपुर गांव का नाम बदलने के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। गांव का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुर’ करने के कथित प्रस्ताव के विरोध में पूर्व मंत्री राजेंद्र गुढ़ा के नेतृत्व में निकाली गई पदयात्रा के दौरान बड़ा घटनाक्रम सामने आया, जब तेज गर्मी और थकावट के कारण उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई और वे कलेक्ट्रेट के बाहर गिर पड़े।
जानकारी के अनुसार, सोमवार को इस्लामपुर गांव से 22 किलोमीटर लंबी पदयात्रा शुरू की गई थी, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। प्रदर्शनकारी गांव का नाम बदलने के प्रस्ताव का विरोध कर रहे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद भीषण गर्मी और उमस के बीच राजेंद्र गुढ़ा अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। मौके पर मौजूद समर्थकों ने तुरंत उन्हें संभाला और पानी तथा तौलियों की मदद से राहत देने की कोशिश की। तबीयत बिगड़ने के बावजूद राजेंद्र गुढ़ा ने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने प्रदर्शन स्थल पर टेंट लगाने की अनुमति नहीं दी, जिसके कारण लोग तेज धूप में खड़े रहने को मजबूर रहे।
विरोध मार्च में शामिल लोगों का कहना है कि इस्लामपुर का नाम बदलने से क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान कमजोर होगी। प्रदर्शनकारियों ने 200 साल पुराने दस्तावेज और 1897 के अभिलेख भी प्रशासन को सौंपे हैं, जिनमें गांव के ऐतिहासिक नाम का उल्लेख किया गया है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब सूरजगढ़ विधायक राजेंद्र भांबू ने इस्लामपुर का नाम बदलकर ‘श्रीरामपुर’ करने की सिफारिश मुख्यमंत्री कार्यालय को भेजी। इसके बाद जिला प्रशासन से रिपोर्ट मांगी गई, जिसके बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने विरोध अभियान शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह प्रस्ताव क्षेत्र के लंबे सामाजिक और सांस्कृतिक इतिहास की अनदेखी करता है और इससे शेखावाटी की पहचान पर असर पड़ेगा।