नई दिल्ली। भारत ने ठान लिया है कि पाकिस्तान के झूठ और आतंक की फैक्ट्री का दरवाजा दुनिया के मंचों पर खोला जाएगा। इसी के तहत ‘ऑपरेशन डिप्लोमैटिक’ वॉर शुरू हो चुका है। मोदी सरकार ने सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ भारत का रुख बताने के लिए सर्वदलीय सांसदों के 7 डेलिगेशन बनाए हैं। ये डेलिगेशन दुनिया के बड़े देशों, खासकर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद यानी UNSC के सदस्य देशों का दौरा करेगा।
ये सांसद हैं डेलिगेशन में शामिल
संसदीय कार्य मंत्रालय ने इस डेलिगेशन को लीड करने वाले 7 सांसदों की लिस्ट जारी की। जिसमें कांग्रेस के शशि थरूर से लेकर बीजेपी के रविशंकर प्रसाद, बैजयंत पांडा, जेडीयू के संजय झा, DMK के कनिमोई, NCP (एसपी) की सुप्रिया सुले और शिवसेना (शिंदे गुट) के श्रीकांत शिंदे शामिल हैं।
शशि थरूर ने मोदी सरकार की हमेशा तारीफ की
कांग्रेस भले ही गुस्से से लाल-पीली है, लेकिन केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र का आभार जताया है।थरूर ने कहा कि मैं हाल की घटनाओं पर हमारे देश का दृष्टिकोण रखने के लिए पांच प्रमुख देशों की राजधानियों में एक सर्वदलीय डेलिगेशन का नेतृत्व करने के लिए भारत सरकार के निमंत्रण से सम्मानित महसूस कर रहा हूं। जब राष्ट्रीय हित की बात होगी और मेरी सेवाओं की जरूरत होगी, तो मैं पीछे नहीं रहूंगा। चाहे भारत-पाकिस्तान तनाव हो या ऑपरेशन ऑपरेशन सिंदूर, शशि थरूर ने मोदी सरकार की हमेशा तारीफ की है
कांग्रेस ने इस लिस्ट में उठाया सवाल
केंद्र सरकार की ओर से विदेश जाने वाले डेलिगेशन की लिस्ट सामने आते ही इस पर विवाद शुरू हो गया। कांग्रेस ने इस लिस्ट पर सवाल उठाया है। कांग्रेस भले ही गुस्से से लाल-पीली है, लेकिन केरल के तिरुवनंतपुरम से कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने केंद्र का आभार जताया। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा, आप क्रोनोलॉजी समझिए। 16 तारीख को सरकार की तरफ से किरेन रिजिजू ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी से बात की और सर्वदलीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल के लिए हमारी पार्टी से 4 नामों की मांग की। राहुल गांधी ने पत्र लिखा और 16 तारीख को 12 बजे से पहले हमने 4 नाम भेजे- आनंद शर्मा, गौरव गोगोई, नासिर हुसैन और राजा बरार। सरकार की शुरू से ही शरारती मंशा थी, उन्होंने 4 और नाम जोड़े जो इसमें नहीं हैं, इसमें से सिर्फ आनंद शर्मा का नाम है। हम क्या कह सकते हैं, ये हमारे सांसद हैं, कांग्रेस पार्टी के सांसद हैं, उन्हें अपनी अंतरात्मा की आवाज सुननी चाहिए लेकिन हमारी पार्टी की तरफ से हमने 4 नाम दिए। हम जानते हैं कि ऑपरेशन सिंदूर का राजनीतिकरण किया जा रहा है, लेकिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस का मानना है कि राष्ट्रीय हित सबसे महत्वपूर्ण है सर्वोपरि, सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है।
कूटनीतिक प्रहार
भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने कहा, पाकिस्तान का घटिया चेहरा बेनकाब करने के लिए भारत सरकार द्वारा सर्वदलीय सांसदों का प्रतिनिधिमंडल विश्वभर में भेजने का फैसला सराहनीय है। ये फैसला पाकिस्तान में आतंक को समर्थन देने वाली सरकार पर कूटनीतिक प्रहार है। पूरी दुनिया को यह प्रतिनिधिमंडल जानकारी देगा किस तरह पाकिस्तान आतंकवाद की विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी चला रहा है। आतंकी घटना दुनिया के किसी भी कोने में हो लेकिन उसके तार पाकिस्तान की फैक्ट्री से निकलते हैं।
भाजपा नेता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस सांसद शशि थरूर को केंद्र सरकार द्वारा आतंकवाद के खिलाफ भारत के जीरो टॉलरेंस संदेश को दुनिया तक ले जाने वाले सात प्रतिनिधिमंडलों में से एक का नेतृत्व करने के लिए चुने जाने और इस पर कांग्रेस के बयान पर कहा, “जब पाकिस्तान के आतंकी कनेक्शन और सांठगांठ का पर्दाफाश हो रहा है, तो हम दलगत राजनीति नहीं करते बल्कि इससे ऊपर उठकर देश हित में राजनीति करते हैं… अगर कांग्रेस पार्टी शशि थरूर के इतने खिलाफ है तो आपने उन्हें सांसद क्यों बनाया, विदेश राज्य मंत्री क्यों बनाया, वे खुद संयुक्त राष्ट्र में उच्च पद पर रह चुके हैं। क्या कांग्रेस पार्टी शशि थरूर से इसलिए इतनी नाराज है क्योंकि उन्होंने भारत प्रथम की बात की? कांग्रेस पार्टी द्वारा सुझाए गए नामों में एक-दो नाम ऐसे हैं जिन पर गंभीर आरोप हैं कि उनके चुनाव के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगे थे… लेकिन कांग्रेस इसमें भी दल हित को ऊपर रख रही है।