NASA ने इंटरस्टेलर कॉमेट 3I/ATLAS की अद्भुत नई तस्वीरें जारी की हैं, जिसमें यह दिखाया गया है कि यह कॉमेट मंगल ग्रह के पास से गुजरते समय कैसा दिखता है। 3I/ATLAS जुलाई 2025 में चिली के ATLAS टेलिस्कोप द्वारा पहली बार देखा गया था। यह हमारी सौर प्रणाली के बाहर से आया एक बहुत ही दुर्लभ कॉमेट है और अब तक केवल दो इंटरस्टेलर ऑब्जेक्ट्स को ही देखा गया है। यह कॉमेट हमारे सौर सिस्टम में आए ऐसे मेहमान का नज़ारा देता है, जो दूसरे स्टार सिस्टम से आया है और जिससे हमारी गैलेक्सी के दूर-दराज हिस्सों के हालात के बारे में जानकारी मिलती है।
कॉमेट का मार्ग इसे मंगल ग्रह के पास ले आया, जिससे वहां मौजूद चक्कर लगाने वाले स्पेसक्राफ्ट को इसके न्यूक्लियस (कोर) और कोमा (चारों ओर बिखरी धूल और गैस की परत) की साफ तस्वीरें लेने में मदद मिली। NASA ने इस बार कई अलग-अलग प्लेटफ़ॉर्म का इस्तेमाल किया। मार्स रिकॉनिसेंस ऑर्बिटर (MRO) ने अपने हाई-रिज़ॉल्यूशन कैमरे HiRISE से कॉमेट के कोर और कोमा की स्पष्ट तस्वीरें लीं, जिससे इसके बर्फीले कोर की बनावट और आकार का पता चला। MAVEN मिशन ने अल्ट्रावॉयलेट इंस्ट्रूमेंट्स का इस्तेमाल कर कॉमेट के एटमॉस्फियर में हाइड्रोजन की मौजूदगी का पता लगाया, जो बर्फ के सब्लिमेशन का संकेत है। लूसी स्पेसक्राफ्ट, जो जुपिटर के ट्रोजन एस्टेरॉयड की स्टडी के लिए था, ने अपने कैमरे 3I/ATLAS की ओर मोड़ दिए और इसके कोमा और हल्की पूंछ की शानदार तस्वीरें भेजीं। इसके अलावा, हबल और JWST जैसी स्पेस टेलीस्कोप्स ने यह जानकारी दी कि कॉमेट के कोमा में कार्बन डाइऑक्साइड और अन्य वोलाटाइल्स की मात्रा बहुत अधिक है। इन सभी अलग-अलग ऑब्ज़र्वेशन्स ने वैज्ञानिकों को कॉमेट की बनावट और इसकी यात्रा के बारे में गहरी समझ दी।
कुछ खबरों में गलतफहमी फैलाई गई कि यह कॉमेट मंगल या पृथ्वी के लिए खतरा हो सकता है, लेकिन NASA ने साफ किया कि 3I/ATLAS हमारी तरफ नहीं आ रहा है। इसका मंगल के पास से गुजरना केवल वैज्ञानिकों के लिए एक शानदार मौका था। सबसे पास के पॉइंट पर भी यह पृथ्वी से करोड़ों किलोमीटर दूर होगा। यह कॉमेट पूरी तरह से सामान्य है और इसमें किसी भी तरह की अजीब या कृत्रिम चीज़ें नहीं पाई गई हैं।
3I/ATLAS की स्टडी करना इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमें दूसरे स्टार सिस्टम में बने कॉमेट्स और प्लैनेटरी सिस्टम की बनावट का दुर्लभ नज़ारा देता है। इसके बर्फ, धूल और गैस की संरचना का अध्ययन करके वैज्ञानिक हमारे सौर सिस्टम के कॉमेट्स से तुलना कर सकते हैं और यह समझ सकते हैं कि दूसरे स्टार सिस्टम कैसे विकसित होते हैं। ऐसे इंटरस्टेलर विज़िटर बहुत कम आते हैं, और हर ऑब्ज़र्वेशन रिसर्चर्स को इन अंतरिक्षीय मेहमानों की समझ और उनके सौर सिस्टम में रास्ते का अनुमान लगाने में मदद करता है।
अभी 3I/ATLAS अपनी यात्रा जारी रख रहा है, हमारी सौर प्रणाली में एक पल का मेहमान बनकर। NASA के ऑर्बिटर्स और टेलीस्कोप्स ने हमें इसे करीब से देखने का अवसर दिया, जिससे हम अपनी गैलेक्सी की विशालता और विविधता का एहसास कर सकते हैं। यह एक अद्भुत वैज्ञानिक और कॉस्मिक अनुभव है, जो इंसानियत को अंतरिक्ष की नई खोजों के करीब लाता है।