मुक्ति फाउंडेशन की पहल: हर बच्चे के सपनों को पंख “जूते, साइकिल, मोबाइल — शिक्षा का सफर होगा आसान”

मुक्ति फाउंडेशन का विशेष वितरण कार्यक्रम

Vin News Network
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समाजसेवियों और सहयोगियों का सम्मान
Highlights
  • विद्यार्थियों को जूते, मोजे प्रदान किए गए
  • दो साइकिलें उन बच्चों के लिए जो दूर से स्कूल आते हैं
  • एक स्मार्टफोन डिजिटल शिक्षा के लिए दिया गया

लखनऊ। मुक्ति फाउंडेशन संस्था ने आज एक बार फिर यह साबित कर दिया कि सच्ची समाजसेवा वही है, जो किसी के जीवन में बदलाव लाए। संस्था ने वंचित वर्ग के विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक यात्रा को सरल बनाने के उद्देश्य से एक विशेष वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को जूते, मोजे, दो साइकिलें और एक मोबाइल फोन वितरित किए गए। यह कार्यक्रम संस्था के संरक्षक श्री हीरा सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा: “शिक्षा जीवन की सबसे बड़ी पूंजी है। इसे जितना बढ़ाओगे, उतना ही आगे बढ़ोगे।”

संस्था का मिशन: शिक्षा से नई दिशा
मुक्ति फाउंडेशन की सोच हमेशा से स्पष्ट रही है — “शिक्षा केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं होती”। संस्था का मानना है कि शिक्षा का वास्तविक अर्थ अनुशासन, अवसर और संसाधनों से जुड़ा है। कई बार होनहार विद्यार्थी सिर्फ इसलिए पीछे रह जाते हैं क्योंकि उनके पास साधन नहीं होते संस्था की यही कोशिश है कि किसी भी बच्चे की प्रतिभा साधनहीनता के कारण दब न जाए।

साइकिल बनी शिक्षा का सेतु
आज वितरित की गई साइकिलें उन बच्चों के लिए आशा की नई किरण लेकर आई हैं, जो दूर-दराज़ के इलाकों से विद्यालय आते हैं। अब ये विद्यार्थी समय पर स्कूल पहुँच सकेंगे, थकान से बच सकेंगे और पढ़ाई पर अधिक ध्यान दे पाएंगे।

संस्था के एक प्रतिनिधि ने बताया: “यह सिर्फ एक साइकिल नहीं, बल्कि उन बच्चों के लिए शिक्षा की राह का सबसे बड़ा साथी है।” जूते, मोजे और मोबाइल: आत्मविश्वास की उड़ान, कार्यक्रम में वितरित किए गए जूते और मोजे बच्चों के व्यक्तित्व में आत्मविश्वास जगाने में मदद करेंगे। कई बच्चे बिना सही जूतों के स्कूल जाते थे, जिससे वे हिचकिचाहट महसूस करते थे। अब वे गर्व के साथ विद्यालय जा सकेंगे। साथ ही, संस्था द्वारा दिया गया स्मार्टफोन बच्चों के लिए डिजिटल लर्निंग के नए द्वार खोलेगा। आज की शिक्षा में ऑनलाइन संसाधनों की अहमियत को देखते हुए यह कदम बच्चों के भविष्य को और उज्ज्वल बनाने में सहायक होगा।

प्रेरक संदेश: “हर बच्चा पढ़ेगा, हर सपना साकार होगा”
मुक्ति फाउंडेशन की यह पहल केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संदेश है — “हर बच्चा पढ़ेगा, हर सपना साकार होगा।” यह सिर्फ बच्चों की मदद नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता फैलाने की एक कोशिश भी है, ताकि हर कोई समझे कि शिक्षा ही प्रगति का रास्ता है।

विशेष सहयोग और आभार
संस्था ने इस अवसर पर अपने सभी सहयोगियों का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया। संस्था की ओर से डॉ. अनुराग विश्वकर्मा (वैज्ञानिक, छत्तीसगढ़), श्री नीरज टंडन (अमीनाबाद, लखनऊ) और श्रीमती दिशा सिंह (अलीगंज, लखनऊ) का हार्दिक अभिनंदन किया गया। साथ ही, संस्था ने श्री अजय कुमार सिंह का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने अपनी पूज्य माता स्वर्गीय भगवती देवी (दिल्ली) की स्मृति में संस्था को शिक्षा के लिए सहयोग प्रदान किया। संस्था का मानना है कि ऐसे निस्वार्थ सहयोग ही समाज के वंचित बच्चों को एक नई राह दिखाते हैं।

संस्था का विज़न: उज्ज्वल भविष्य की ओर
मुक्ति फाउंडेशन का लक्ष्य केवल मदद करना नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों को पंख देना है। संस्था लगातार ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से उन बच्चों तक पहुँच बना रही है जो परिस्थितियों के कारण अपने सपनों से दूर रह जाते हैं। संस्था की योजना है कि आने वाले समय में डिजिटल एजुकेशन किट, स्कॉलरशिप्स और करियर गाइडेंस प्रोग्राम्स के माध्यम से और भी अधिक विद्यार्थियों तक मदद पहुँचे।

संस्था के संरक्षक का संदेश
संरक्षक श्री हीरा सिंह जी ने बच्चों से बातचीत के दौरान कहा: “शिक्षा वह चाबी है जो जीवन के हर दरवाज़े को खोल देती है।मुक्ति फाउंडेशन का उद्देश्य सिर्फ किताबें बाँटना नहीं, बल्कि वह आत्मविश्वास जगाना है जो बच्चों को आगे बढ़ने की ताकत देता है।”

समाज से अपील
मुक्ति फाउंडेशन ने समाज के सभी वर्गों से अपील की है कि हर कोई अपनी क्षमता के अनुसार शिक्षा के इस अभियान से जुड़े। “एक किताब, एक जोड़ी जूते, या एक छोटी सी साइकिल भी किसी बच्चे की जिंदगी बदल सकती है।”

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