Meta Algorithm Explained: फेसबुक-इंस्टाग्राम आपकी पसंद कैसे पढ़ते हैं? जानिए कौन तय करता है आपकी स्क्रीन पर क्या दिखेगा?

Vin News Network
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हर लाइक, हर क्लिक और हर सेकेंड पर रहती है Meta की नजर

विन न्यूज़ नेटवर्क। क्या आपने कभी गौर किया है कि फेसबुक या इंस्टाग्राम खोलते ही कुछ खास तरह की पोस्ट सबसे ऊपर दिखाई देती हैं? कई बार किसी करीबी दोस्त की पोस्ट तुरंत नजर आ जाती है, जबकि दूसरे लोगों की पोस्ट कई दिनों बाद दिखाई देती है। वहीं इंस्टाग्राम पर ऐसे क्रिएटर्स की रील्स भी सामने आ जाती हैं, जिन्हें आपने कभी फॉलो नहीं किया होता। इसके पीछे काम करता है Meta का एल्गोरिद्म, जो हर यूजर की पसंद और व्यवहार के आधार पर तय करता है कि उसकी स्क्रीन पर कौन-सा कंटेंट पहले दिखेगा।

हाल के दिनों में Meta का यही एल्गोरिद्म चर्चा में आया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक वीडियो पोस्ट कुछ समय के लिए प्लेटफॉर्म से हट गई। बाद में Meta ने इसे तकनीकी गलती बताया और सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी। इससे एक बार फिर यह सवाल उठा कि आखिर Meta का एल्गोरिद्म कैसे काम करता है और यह किस आधार पर कंटेंट दिखाता या छिपाता है।

क्या है Meta Algorithm?

सरल भाषा में समझें तो Meta Algorithm एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित रिकमेंडेशन सिस्टम है। इसका काम हर सेकेंड लाखों-करोड़ों पोस्ट, वीडियो, रील्स और फोटो का विश्लेषण करना और यह तय करना है कि किसी खास यूजर को कौन-सा कंटेंट सबसे पहले दिखाया जाए।

Meta का केवल एक एल्गोरिद्म नहीं है। फेसबुक, इंस्टाग्राम, रील्स, एक्सप्लोर टैब, स्टोरीज़ और अन्य फीचर्स के लिए अलग-अलग एल्गोरिद्म काम करते हैं। हालांकि इन सभी का उद्देश्य एक ही होता है—यूजर को ऐसा कंटेंट दिखाना, जिसमें उसकी सबसे ज्यादा रुचि होने की संभावना हो।

सबसे पहले बनती है पोस्ट की सूची

जब कोई यूजर फेसबुक या इंस्टाग्राम खोलता है, तो सबसे पहले Meta उन सभी पोस्टों की एक सूची तैयार करता है, जो उसे दिखाई जा सकती हैं। इसे कंपनी इनवेंटरी (Inventory) कहती है।

इस सूची में शामिल हो सकती हैं-

  • दोस्तों की पोस्ट
  • फॉलो किए गए पेजों की पोस्ट
  • जिन ग्रुप्स के सदस्य हैं, उनकी पोस्ट
  • स्पॉन्सर्ड या विज्ञापन वाली पोस्ट
  • AI द्वारा सुझाया गया कंटेंट
  • वायरल वीडियो
  • रील्स और एक्सप्लोर सेक्शन की सिफारिशें

इसे ऐसे समझा जा सकता है जैसे किसी रेस्तरां में पहले पूरा मेन्यू तैयार किया जाता है और फिर ग्राहक की पसंद के हिसाब से सुझाव दिए जाते हैं।

हर पोस्ट की होती है गहन जांच

इनवेंटरी तैयार होने के बाद एल्गोरिद्म हर पोस्ट का अलग-अलग विश्लेषण करता है। इसके लिए वह हजारों संकेतों यानी सिग्नल्स (Signals) का इस्तेमाल करता है।

इनमें प्रमुख बातें शामिल होती हैं—

  • पोस्ट किस व्यक्ति या पेज ने शेयर की है।
  • उस व्यक्ति से आपकी कितनी बातचीत होती है।
  • पोस्ट कितनी नई या पुरानी है।
  • पोस्ट पर कितने लाइक आए हैं।
  • कितने लोगों ने कमेंट किया है।
  • कितनी बार शेयर किया गया है।
  • कितने लोगों ने पोस्ट को सेव किया है।
  • वीडियो को कितनी देर तक देखा गया है।

इन सभी संकेतों के आधार पर एल्गोरिद्म यह अनुमान लगाता है कि यूजर को वह पोस्ट पसंद आएगी या नहीं।

आपकी हर गतिविधि से सीखता है सिस्टम

Meta का एल्गोरिद्म केवल पोस्ट की लोकप्रियता नहीं देखता, बल्कि यूजर की गतिविधियों को भी लगातार समझता रहता है।

उदाहरण के तौर पर यदि कोई व्यक्ति लगातार क्रिकेट, टेक्नोलॉजी या ट्रैवल से जुड़ी पोस्ट देखता है, तो कुछ समय बाद उसकी फीड में उसी तरह का कंटेंट अधिक दिखाई देने लगता है।

एल्गोरिद्म इस बात पर भी नजर रखता है कि—

  • आपने किस पोस्ट पर ज्यादा समय बिताया।
  • किन रील्स को पूरा देखा।
  • किन पोस्टों को स्किप कर दिया।
  • किन अकाउंट्स के साथ ज्यादा इंटरैक्ट करते हैं।
  • आपने किस तरह की पोस्ट को लाइक, शेयर या सेव किया।

यही डेटा भविष्य में दिखाई जाने वाली पोस्टों को प्रभावित करता है।

डिवाइस और इंटरनेट स्पीड भी निभाते हैं भूमिका

Meta केवल आपकी पसंद ही नहीं समझता, बल्कि तकनीकी पहलुओं को भी ध्यान में रखता है।

एल्गोरिद्म यह भी देखता है कि-

  • आप मोबाइल इस्तेमाल कर रहे हैं या लैपटॉप।
  • इंटरनेट कनेक्शन तेज है या धीमा।
  • दिन का कौन-सा समय है।
  • आपने अभी-अभी किस तरह का कंटेंट देखा है।

इन सभी जानकारियों के आधार पर फीड को लगातार अपडेट किया जाता है, ताकि यूजर का अनुभव बेहतर बना रहे।

क्यों दिखाई देती हैं अनजान लोगों की रील्स?

कई बार इंस्टाग्राम पर ऐसे क्रिएटर्स की रील्स दिखाई देती हैं, जिन्हें यूजर ने कभी फॉलो नहीं किया होता। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एल्गोरिद्म आपके पिछले व्यवहार के आधार पर अनुमान लगाता है कि आपको किस तरह का कंटेंट पसंद आ सकता है।

अगर आपने किसी विषय से जुड़ी कई वीडियो देखी हैं, तो सिस्टम उसी श्रेणी के दूसरे क्रिएटर्स का कंटेंट भी सुझाने लगता है।

Meta का उद्देश्य क्या है?

Meta का मुख्य उद्देश्य यूजर को प्लेटफॉर्म पर अधिक समय तक सक्रिय रखना है। इसके लिए एल्गोरिद्म लगातार ऐसी पोस्ट, वीडियो और रील्स चुनता है, जिनसे यूजर की दिलचस्पी बनी रहे।

हालांकि समय-समय पर Meta के एल्गोरिद्म को लेकर कंटेंट की दृश्यता, पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल भी उठते रहे हैं। कंपनी का कहना है कि वह अपने सिस्टम को लगातार बेहतर बनाने और गलतियों को सुधारने पर काम करती रहती है।

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