विन न्यूज़ नेटवर्क। राजस्थान में जोधपुर के बासनी औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार शाम केमिकल फैक्ट्री में लगी आग बुझाना दमकलकर्मियों के लिए भारी पड़ गया। आग पर काबू पाने के दौरान फैक्ट्री के अंदर रखे केमिकल में अचानक जोरदार धमाका हो गया। इसकी चपेट में आने से नगर निगम के 14 दमकलकर्मी घायल हो गए। इनमें 8 कर्मचारी 50 फीसदी से ज्यादा झुलसे हैं और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
आग बुझाते वक्त अचानक हुआ धमाका
बासनी के गणेश नगर इलाके में स्थित फैक्ट्री में शाम करीब साढ़े पांच बजे आग लगने की सूचना मिली थी। इसके बाद अलग-अलग फायर स्टेशनों से 10 दमकल गाड़ियां मौके पर भेजी गईं। करीब 35 दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे थे। आग पर काबू पाने की कोशिश चल ही रही थी कि अंदर रखे ज्वलनशील केमिकल के ड्रमों में धमाके होने लगे। इसी दौरान एक जोरदार विस्फोट ने मौके पर मौजूद फायरकर्मियों को अपनी चपेट में ले लिया।

पहले एम्स, फिर बर्न यूनिट में भर्ती
धमाके के बाद झुलसे कर्मचारियों को तत्काल वाहनों से एम्स जोधपुर ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कर्मचारियों को महात्मा गांधी अस्पताल की बर्न यूनिट में रेफर किया गया। गंभीर मरीजों के लिए अलग बर्न आईसीयू की व्यवस्था की गई है। पुलिस कमिश्नर अंशुमान भोमिया के मुताबिक, 8 कर्मचारियों के शरीर का 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सा झुलसा है।
फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल मिलने से बढ़ी मुश्किल
अधिकारियों के अनुसार फैक्ट्री में ज्वलनशील केमिकल और थिनर रखा हुआ था। धमाकों की वजह से फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में लगातार परेशानी हुई। शुरुआती जानकारी में यह भी सामने आया है कि फैक्ट्री रिहायशी इलाके में संचालित हो रही थी। एहतियात के तौर पर आसपास के लोगों को सुरक्षित जगह पर भेजा गया।
जांच में खंगाली जाएगी फैक्ट्री की अनुमति
हादसे के बाद प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि परिसर में इतने ज्वलनशील केमिकल रखने की अनुमति थी या नहीं। पुलिस फैक्ट्री के मालिक और संचालन से जुड़े लोगों से पूछताछ करेगी। नियमों की अनदेखी सामने आने पर कार्रवाई की बात कही गई है।
घटना के बाद जिला कलेक्टर आलोक रंजन और पुलिस कमिश्नर अंशुमान भोमिया समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर घायलों का हाल जाना। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना और फैक्ट्री में लगी आग को पूरी तरह बुझाना है।