औगान गांव का रहने वाला आयुष चौधरी इन दिनों चर्चा में है. आयुष ने साल 2015 में इंटर की पढ़ाई पूरी की थी. उसके पिता राजेश चौधरी चाहते थे कि आयुष डॉक्टर बने. इसके लिए उन्होंने आयुष का दाखिला विशाखापट्टनम के एक संस्थान में कराया था. वहां पढ़ाई के दौरान आयुष को मटिहानी की एक लड़की से लगाव हो गया. धीरे-धीरे आयुष का ध्यान पढ़ाई से हट गया और वह गलत संगत में पड़ गया. उसे नशे की लत लग गई जिसके कारण उस लड़की ने उससे दूरी बना ली.
आयुष की इन हरकतों और नशे की आदत से परेशान होकर उसके पिता राजेश चौधरी ने साल 2017 में खुदकुशी कर ली. पिता की मौत के बाद आयुष ने पुश्तैनी जमीन बेचना शुरू कर दिया. उसने गांव की करीब 18 बीघा जमीन और घर तक बेच डाला. इस दौरान वह लोगों से देहरादून में पढ़ने का झूठ बोलता रहा. साल 2018 में उसने उत्तर प्रदेश की एक एयर होस्टेस दीपा से देवघर में शादी की. शादी के कुछ समय बाद ही दीपा ने आयुष का व्यवहार देखकर उससे रिश्ता तोड़ लिया. आयुष ने साल 2020 के चुनाव में अपने एक दोस्त को चुनाव लड़ाने के लिए भी काफी पैसा खर्च किया था.
आयुष साल 2021 में आखिरी बार अपने गांव आया था लेकिन उसके छोटे भाई रिषभ ने उसे घर में रखने से मना कर दिया. तब से आयुष का कोई अता-पता नहीं है. उसकी मां रीता देवी गांव में अकेली रहती थीं लेकिन पिछले कुछ दिनों से घर पर ताला लटका है. आयुष का छोटा भाई भी अपनी पत्नी के साथ गांव से बाहर रहता है. परिवार के लोगों और ग्रामीणों को आयुष की मौजूदा स्थिति के बारे में कोई जानकारी नहीं है.
अब गुजरात की सुरेंद्रनगर साइबर सेल पुलिस ने आयुष के खिलाफ नोटिस जारी किया है. भगवानपुर थाने के पुलिस अधिकारी ने बताया कि आयुष पर अपने बैंक खाते के जरिए साइबर ठगी और हवाला कारोबार करने का आरोप है. पुलिस जब नोटिस देने उसके घर पहुंची तो वहां ताला लगा मिला. नोटिस में आयुष को 15 दिनों के भीतर पेश होने का आदेश दिया गया है. पुलिस अब आयुष की तलाश कर रही है ताकि कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ सके.