पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के संभावित लॉकडाउन संबंधी बयान पर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। इस मुद्दे पर शिवसेना (यूबीटी) के सांसद संजय राउत ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखकर उनकी बात में कुछ सच्चाई नजर आती है। राउत ने कहा कि देश के कई हिस्सों में पेट्रोल, डीजल और केरोसिन के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं और सरकार के भीतर भी तेज गतिविधियां चल रही हैं, जिससे यह आशंका पैदा होती है कि ईंधन की बचत के लिए केंद्र सरकार 10 से 15 दिनों का लॉकडाउन लागू कर सकती है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि हालात ऐसे ही बने रहे तो सरकार आपात कदम उठा सकती है।
दरअसल, ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल के पांडेश्वर में एक चुनावी रैली के दौरान केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिर से लॉकडाउन लगा सकते हैं और लोगों को घरों में रहने के लिए मजबूर किया जा सकता है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में अटकलों का दौर शुरू हो गया, जिससे आम लोगों में भी चिंता बढ़ी। कई जगहों पर लोगों ने आवश्यक वस्तुओं और ईंधन को लेकर बेचैनी दिखाई, जिससे कतारें और अफवाहें दोनों बढ़ती चली गईं।
हालांकि, इन अटकलों पर विराम लगाते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि लॉकडाउन लगाए जाने की खबरें पूरी तरह गलत और निराधार हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि सरकार के स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे शांत, जिम्मेदार और एकजुट रहें, क्योंकि गलत सूचनाएं अनावश्यक घबराहट पैदा कर सकती हैं।
इस बीच, संजय राउत ने मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध और उसके भारत पर संभावित प्रभाव को लेकर भी केंद्र सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि युद्ध शुरू होने के लगभग 25 दिन बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद में बोलने आए, जिससे विपक्ष को यह सवाल उठाने का मौका मिला कि सरकार इस मुद्दे पर पहले क्यों नहीं बोली। राउत ने प्रधानमंत्री की शारीरिक भाषा पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसा प्रतीत हुआ मानो वे दबाव में हों। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय हालात और ऊर्जा संकट का असर भारत पर पड़ सकता है, इसलिए सरकार को पारदर्शिता के साथ स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
ममता बनर्जी के बयान से शुरू हुई चर्चा अब राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बन गई है। हालांकि सरकार ने लॉकडाउन की संभावना से इनकार किया है, फिर भी विपक्ष इसे लेकर सवाल उठा रहा है और जनता के बीच चिंता बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे संवेदनशील मुद्दों पर स्पष्ट और समय पर जानकारी देना बेहद जरूरी है, ताकि अफवाहों को फैलने से रोका जा सके और लोगों में भरोसा बना रहे।