विन न्यूज़ नेटवर्क। भारतीय रसोई में करी पत्ता (कढ़ी पत्ता) का खास महत्व है। इसका इस्तेमाल दाल, सांभर, पोहा, उपमा और कई अन्य व्यंजनों का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। यही वजह है कि आजकल कई लोग अपने घर की बालकनी, छत या गार्डन में करी पत्ता का पौधा लगाना पसंद करते हैं। हालांकि, अक्सर शिकायत रहती है कि पौधा तो लग जाता है, लेकिन वह घना नहीं होता या उसकी बढ़त धीमी पड़ जाती है।
अगर आपके घर में भी करी पत्ता का पौधा है और आप चाहते हैं कि वह तेजी से बढ़े, ज्यादा शाखाएं निकाले और हमेशा हरा-भरा बना रहे, तो कुछ आसान गार्डनिंग टिप्स अपनाकर यह संभव है। विशेषज्ञों के अनुसार, सही देखभाल और समय पर की गई प्रूनिंग से पौधे की ग्रोथ कई गुना बेहतर हो सकती है।
प्रूनिंग से बढ़ती हैं नई शाखाएं
करी पत्ता के पौधे को झाड़ीदार बनाने का सबसे आसान तरीका है समय-समय पर उसकी प्रूनिंग (कटाई-छंटाई) करना। कई लोग केवल पत्तियां तोड़ लेते हैं, लेकिन इससे पौधे की शाखाएं कम विकसित होती हैं।
गार्डनिंग एक्सपर्ट सलाह देते हैं कि जब भी करी पत्ता तोड़ें, केवल पत्तियां न निकालें बल्कि ऊपर की मुलायम छोटी टहनी को भी हल्का सा काट दें। ऐसा करने से उसी जगह से दो नई शाखाएं निकलती हैं, जिससे पौधा तेजी से फैलता है और कुछ ही महीनों में अधिक घना दिखाई देने लगता है।
छाछ बनेगी प्राकृतिक खाद
करी पत्ता के पौधे को स्वस्थ रखने के लिए रासायनिक उर्वरकों की बजाय प्राकृतिक उपाय अधिक कारगर माने जाते हैं। महीने में एक या दो बार हल्की मात्रा में पानी मिलाकर छाछ पौधे की जड़ों में डालने से उसे भरपूर पोषण मिलता है।
छाछ में मौजूद पोषक तत्व मिट्टी की गुणवत्ता सुधारते हैं और पौधे की जड़ों को मजबूत बनाते हैं। इससे नई पत्तियां तेजी से निकलती हैं और उनका रंग गहरा हरा बना रहता है।
नीम ऑयल से मिलेगा कीड़ों से बचाव
कई बार करी पत्ता के पौधे पर कीड़े, फंगस या अन्य रोग लग जाते हैं, जिससे उसकी बढ़त प्रभावित होती है। ऐसे में समय-समय पर नीम ऑयल (Neem Oil) का स्प्रे करना बेहद फायदेमंद माना जाता है।
नीम ऑयल एक प्राकृतिक कीटनाशक है, जो पौधे को नुकसान पहुंचाए बिना कीड़ों और फंगल संक्रमण से बचाने में मदद करता है। सप्ताह या पंद्रह दिन में एक बार इसका हल्का स्प्रे करने से पौधा लंबे समय तक स्वस्थ बना रहता है।
धूप और पानी का रखें संतुलन
करी पत्ता का पौधा अच्छी धूप पसंद करता है। यदि इसे रोजाना 5 से 6 घंटे की पर्याप्त धूप मिले तो इसकी बढ़त बेहतर होती है। हालांकि बहुत अधिक पानी देना भी नुकसानदायक हो सकता है।
पौधे में तभी पानी डालें जब मिट्टी की ऊपरी परत सूखी महसूस हो। लगातार गीली मिट्टी रहने से जड़ों में सड़न की समस्या हो सकती है, जिससे पौधा कमजोर पड़ सकता है।
समय-समय पर बदलें मिट्टी की गुणवत्ता
अगर पौधा लंबे समय से एक ही गमले में लगा है तो उसकी मिट्टी की उर्वरता धीरे-धीरे कम हो जाती है। ऐसे में हर कुछ महीनों में मिट्टी में जैविक खाद, वर्मीकम्पोस्ट या गोबर की सड़ी खाद मिलाने से पौधे को जरूरी पोषक तत्व मिलते रहते हैं।
अच्छी जल निकासी वाली मिट्टी का इस्तेमाल करना भी जरूरी है, ताकि अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल सके।
छोटी-छोटी आदतें दें बड़ा फायदा
गार्डनिंग विशेषज्ञों का कहना है कि पौधों की नियमित देखभाल ही उनकी अच्छी ग्रोथ का सबसे बड़ा राज है। सूखी पत्तियों को समय पर हटाना, कमजोर शाखाओं की कटाई करना और पौधे का समय-समय पर निरीक्षण करना उसे लंबे समय तक स्वस्थ बनाए रखता है।
यदि इन आसान उपायों को नियमित रूप से अपनाया जाए तो करी पत्ता का पौधा न केवल तेजी से बढ़ेगा, बल्कि सालभर ताजी, हरी और सुगंधित पत्तियां भी देता रहेगा। इससे आपको बाजार से बार-बार करी पत्ता खरीदने की जरूरत नहीं पड़ेगी और घर में हमेशा ताजा पत्तियां उपलब्ध रहेंगी।