विन न्यूज़ नेटवर्क। कांग्रेस ने संगठन में बड़ा फेरबदल करते हुए पंजाब में पार्टी के प्रभारी को बदल दिया है। पूर्व छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री और कांग्रेस महासचिव भूपेश बघेल को पंजाब के प्रभारी पद से हटाकर अब असम की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, राजस्थान के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट को पंजाब का नया AICC महासचिव प्रभारी नियुक्त किया गया है। यह बदलाव ऐसे समय हुआ है जब पंजाब कांग्रेस लंबे समय से अंदरूनी खींचतान और गुटबाजी से जूझ रही है।
पंजाब की गुटबाजी के बीच बड़ा फैसला
कांग्रेस हाईकमान का यह फैसला पंजाब संगठन में चल रही खींचतान के बीच काफी अहम माना जा रहा है। पार्टी के भीतर प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के खेमों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं। जुलाई में हाईकमान ने राजा वड़िंग को प्रदेश अध्यक्ष पद पर बनाए रखा था, जबकि चन्नी को कैंपेन कमेटी की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद संगठन के भीतर असंतोष और गुटीय गतिविधियां तेज होने की खबरें सामने आईं।
बघेल को मिली असम की जिम्मेदारी
भूपेश बघेल फरवरी 2025 में पंजाब कांग्रेस के प्रभारी बनाए गए थे। उनके सामने प्रदेश संगठन में समन्वय बढ़ाने और अलग-अलग गुटों को एक साथ लाने की चुनौती थी। हालांकि, पंजाब में विवाद पूरी तरह खत्म नहीं हो सका। अब कांग्रेस ने उन्हें असम का प्रभारी बनाया है। पार्टी के इस फैसले को संगठनात्मक जिम्मेदारियों के नए बंटवारे के तौर पर देखा जा रहा है।
सचिन पायलट के सामने बड़ी चुनौती
सचिन पायलट को पंजाब की जिम्मेदारी ऐसे समय मिली है जब राज्य में विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं और कांग्रेस के लिए संगठन को एकजुट रखना बड़ी चुनौती है। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि पायलट की नियुक्ति से पंजाब संगठन में बेहतर तालमेल स्थापित करने में मदद मिल सकती है। पंजाब कांग्रेस के कई नेताओं ने भी उनके नियुक्त किए जाने का स्वागत किया है।
कई राज्यों में बदले प्रभारी
कांग्रेस ने सिर्फ पंजाब में ही बदलाव नहीं किया है। संगठनात्मक फेरबदल के तहत रणदीप सिंह सुरजेवाला को गुजरात का महासचिव प्रभारी बनाया गया है और उन्हें कर्नाटक की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी जारी रखी गई है। सुखदेव भगत को छत्तीसगढ़, डॉ. सिरिवेल्ला प्रसाद को महाराष्ट्र और पी. वी. मोहन को आंध्र प्रदेश का प्रभारी नियुक्त किया गया है। पार्टी महासचिव के.सी. वेणुगोपाल की ओर से जारी बयान के मुताबिक, ये नियुक्तियां तत्काल प्रभाव से लागू होंगी।
पंजाब में आगे भी हो सकते हैं बदलाव
पंजाब में प्रभारी बदलने के बाद अब प्रदेश संगठन में भी कुछ और बदलाव होने की संभावना जताई जा रही है। कांग्रेस नेतृत्व का फोकस आगामी विधानसभा चुनाव से पहले संगठन को मजबूत करने और नेताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाने पर है। हाल ही में पार्टी नेतृत्व ने पंजाब के नेताओं के साथ बैठक कर राज्य में जारी मतभेदों पर चर्चा भी की थी। ऐसे में सचिन पायलट की नियुक्ति को कांग्रेस की पंजाब रणनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है।