कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे पर टला बड़ा हादसा: पर्यटकों की कार के सामने गिरे बोल्डर, खुद हटाकर खोला रास्ता

Vin News Network
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कोटद्वार-दुगड्डा हाईवे पर बड़ा हादसा टला, पर्यटकों की कार के सामने गिरे बोल्डर

विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले में रविवार को एक बड़ा हादसा टल गया। कोटद्वार-दुगड्डा राष्ट्रीय राजमार्ग पर लालपुल से लगभग एक किलोमीटर आगे पर्यटकों की कार के ठीक सामने पहाड़ी से भारी बोल्डर गिर पड़े। चालक की सतर्कता से वाहन समय रहते रुक गया और कार में सवार सभी लोग सुरक्षित बच गए।

ब्रेक लगाने से बची जान

जानकारी के अनुसार, चालक भरत सिंह कोटद्वार से पर्यटकों को लेकर लैंसडौन जा रहे थे। जैसे ही उनकी कार लालपुल से आगे पहुंची, अचानक पहाड़ी से एक के बाद एक बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे। चालक ने तुरंत ब्रेक लगाकर वाहन रोक दिया। यदि कुछ सेकंड की भी देरी होती तो बोल्डर सीधे कार से टकरा सकते थे, जिससे गंभीर हादसा हो सकता था।

पर्यटकों ने खुद हटाए पत्थर

घटना के बाद कुछ समय तक सड़क पर यातायात प्रभावित रहा। कार में सवार पर्यटकों और चालक ने मिलकर सड़क पर पड़े बोल्डरों को हटाया, जिसके बाद मार्ग पर आवाजाही फिर शुरू हो सकी।

हादसे के बाद सहमे पर्यटक

अचानक सामने बोल्डर गिरने से पर्यटक काफी घबरा गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, घटना के बाद वाहन में बैठे लोग लंबे समय तक दहशत में रहे। पहाड़ी मार्ग पर यात्रा कर रहे अन्य वाहन चालक भी कुछ देर के लिए रुक गए थे।

पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में इस मार्ग पर बोल्डर गिरने की घटनाएं लगातार सामने आती रहती हैं।

हाल की प्रमुख घटनाएं

दो सप्ताह पहले कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज की कार पर बोल्डर गिरा था, जिससे आगे का शीशा क्षतिग्रस्त हो गया था।

दुगड्डा-गुमखाल मार्ग पर भी एक कार पर पहाड़ी से पत्थर गिरने से वाहन का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था।

स्थानीय लोगों ने उठाई मांग

ग्रामीणों और वाहन चालकों ने प्रशासन से बरसात के दौरान सुरक्षा इंतजाम मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि कई स्थानों पर पहाड़ लगातार दरक रहे हैं और यात्रियों की जान जोखिम में रहती है।

लोगों ने कहा कि, बारिश के दिनों में इस सड़क से गुजरते समय हमेशा डर बना रहता है। प्रशासन को संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ानी चाहिए।

बारिश में बढ़ा खतरा

लगातार बारिश के कारण पहाड़ियों की मिट्टी ढीली हो जाती है, जिससे चट्टानें और बोल्डर नीचे गिरने लगते हैं। कोटद्वार से लैंसडौन जाने वाला यह मार्ग पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण है और मानसून के दौरान यहां विशेष सतर्कता की आवश्यकता होती है।

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