विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में पत्नी और बेटी की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर पहले दोनों को चाय में नींद की गोलियां मिलाकर पिलाईं और फिर मोबाइल चार्जर की डेटा केबल से उनका गला घोंट दिया। यह वारदात 9 अक्टूबर को भोलाखेड़ा के मानसनगर इलाके में हुई थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
चाय में नींद की गोलियां मिलाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान 55 वर्षीय रविन्द्र शंकर साहू के रूप में हुई है। इस घटना में उसकी पत्नी श्यामदुलारी (55) और बेटी पूजा (32) की मौत हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि वारदात वाली रात आरोपी ने कथित तौर पर चुपके से चाय में नींद की गोलियां मिला दी थीं।
पुलिस का कहना है कि चाय पीने के बाद पत्नी और बेटी गहरी नींद में सो गईं। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल चार्जर की डेटा केबल का इस्तेमाल करते हुए पहले पत्नी और फिर बेटी का गला घोंट दिया। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पारिवारिक विवाद को बताया जा रहा हत्या की वजह
जांच के दौरान पुलिस को परिवार में लंबे समय से चल रहे विवाद की जानकारी मिली। बताया गया कि आरोपी के परिवार में पांच संतानें हैं। उसकी सबसे बड़ी बेटी पूजा की पहले दो शादियां टूट चुकी थीं। पुलिस के मुताबिक, पूजा के किसी अन्य व्यक्ति के साथ कथित संबंधों को लेकर घर में अक्सर विवाद होता था।
इन विवादों के चलते परिवार का माहौल तनावपूर्ण बना हुआ था। बताया जा रहा है कि पत्नी श्यामदुलारी भी पति और बेटी के बीच होने वाले झगड़ों को लेकर आरोप-प्रत्यारोप करती थीं। पुलिस की पूछताछ में पारिवारिक कलह को इस वारदात की संभावित वजह के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पूछताछ में जुर्म कबूलने की बात
पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार की है। बताया गया कि वारदात को अंजाम देने के बाद उसने माफी भी मांगी। हालांकि, किसी आरोपी का कथित कबूलनामा मामले में अंतिम न्यायिक निष्कर्ष नहीं होता। पुलिस अब साक्ष्यों और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
एक ही परिवार में दो लोगों की हत्या की इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है, ताकि वारदात की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।