संसद के बजट सत्र की शुरुआत के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सभी सांसदों को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति के अभिभाषण और उसमें व्यक्त अपेक्षाओं को गंभीरता से लेने की सलाह दी। प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति का भाषण 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं, विशेष रूप से युवाओं की उम्मीदों का प्रतिबिंब है। इसके साथ ही उन्होंने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य, आगामी बजट और भारत-यूरोपीय संघ (ईयू) के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) का भी उल्लेख किया।
राष्ट्रपति के अभिभाषण को लेकर पीएम मोदी का संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा,
“कल राष्ट्रपति का भाषण 140 करोड़ भारतीयों के भरोसे की अभिव्यक्ति था, उनकी काबिलियत का हिसाब था और उनकी आकांक्षाओं, खासकर युवाओं की आकांक्षाओं का खाका था। सभी सांसदों के लिए, राष्ट्रपति ने उन्हें गाइड करने के लिए भी कई बातें कहीं।”
उन्होंने आगे कहा,
“सत्र की शुरुआत में और 2026 के लिए राष्ट्रपति द्वारा बताई गई उम्मीदें मुझे भरोसा है कि सभी सांसदों ने इसे गंभीरता से लिया होगा।”
प्रधानमंत्री के इस बयान को बजट सत्र के दौरान संसद में रचनात्मक और जिम्मेदार चर्चा की अपील के रूप में देखा जा रहा है।
विकसित भारत 2047 के लक्ष्य पर प्रधानमंत्री का फोकस
प्रधानमंत्री मोदी ने विकसित भारत 2047 के लक्ष्य का उल्लेख करते हुए कहा कि 21वीं सदी का एक चौथाई हिस्सा पूरा हो चुका है और अब अगले 25 वर्षों का निर्णायक दौर शुरू हो रहा है।
उन्होंने कहा,
“21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है। यह अगले चौथाई हिस्से की शुरुआत है। विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को पाने के लिए इन 25 सालों का महत्वपूर्ण दौर शुरू हो गया है।”
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि सदी के दूसरे चौथाई हिस्से का यह पहला बजट है, जो देश की दिशा और प्राथमिकताओं को तय करने में अहम भूमिका निभाएगा।
बजट और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उल्लेख
पीएम मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उल्लेख करते हुए कहा कि वह लगातार नौवीं बार संसद में बजट पेश करने जा रही हैं।
उन्होंने कहा,
“वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण देश की पहली महिला वित्त मंत्री हैं जो लगातार 9वीं बार संसद में बजट पेश कर रही हैं। यह देश के संसदीय इतिहास में एक गौरवशाली पल के तौर पर दर्ज हो गया है।”
प्रधानमंत्री के इस बयान में बजट प्रक्रिया की निरंतरता और संसदीय परंपरा का उल्लेख प्रमुख रहा।
भारत-ईयू फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर पीएम मोदी का बयान
भारत और यूरोपीय संघ के बीच हाल ही में हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह तिमाही भारत के लिए सकारात्मक संकेतों के साथ शुरू हुई है।
उन्होंने कहा,
“यह तिमाही बहुत ही पॉजिटिव नोट पर शुरू हुई है। एक आत्मविश्वासी भारत आज दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बन गया है।”
पीएम मोदी ने आगे कहा,
“इस तिमाही की शुरुआत में भारत और यूरोपियन यूनियन ने एक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट साइन किया। यह इस बात का सबूत है कि आने वाली दिशाएं कितनी उज्ज्वल हैं, भारतीय युवाओं का भविष्य कितना उज्ज्वल है।”
उन्होंने यह भी कहा कि यह समझौता महत्वाकांक्षी भारत, आकांक्षी युवाओं और आत्मनिर्भर भारत के लिए है।
मैन्युफैक्चरिंग और सुधारों पर जोर
प्रधानमंत्री ने कहा कि इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से भारतीय मैन्युफैक्चरर्स को अपनी क्षमताएं बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा,
“मुझे विश्वास है कि खासकर भारत के मैन्युफैक्चरर्स, इस मौके का इस्तेमाल अपनी क्षमताओं को बढ़ाने के लिए करेंगे।”
इसके साथ ही पीएम मोदी ने सरकार के सुधार एजेंडे का जिक्र करते हुए कहा कि योजनाओं को केवल फाइलों तक सीमित न रखकर अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि ‘रिफॉर्म्स एक्सप्रेस’ के जरिए अगली पीढ़ी के सुधारों को आगे बढ़ाने का प्रयास जारी रहेगा।