अबू धाबी ग्रां प्री ने इस साल की फॉर्मूला-1 चैंपियनशिप को रोमांचक मोड़ पर खत्म किया। मैक्लारेन के लैंडो नॉरिस ने रेस में तीसरा स्थान हासिल किया, लेकिन कुल अंक तालिका में मामूली बढ़त के साथ उन्होंने अपना पहला F1 ड्राइवर चैंपियनशिप खिताब जीत लिया। इसी के साथ मैक्स वेरस्टैपेन का चार साल लंबा चैंपियनशिप सिलसिला भी खत्म हो गया।
रविवार की रेस में रेड बुल के मैक्स वेरस्टैपेन ने जीत दर्ज की। यह इस सीज़न में उनकी आठवीं जीत थी, जो किसी भी ड्राइवर से सबसे ज्यादा है। इसके बावजूद चैंपियनशिप अंक में वे नॉरिस को पीछे नहीं छोड़ पाए। मैक्लारेन के ऑस्कर पियास्त्री ने दूसरा स्थान लिया, जबकि नॉरिस तीसरे नंबर पर रहे।
चैंपियनशिप के आंकड़े बेहद कड़े रहे। नॉरिस 423 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहे, जबकि वेरस्टैपेन 421 अंकों के साथ दूसरे और पियास्त्री 410 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहे। केवल दो अंकों की बढ़त ने नॉरिस को ब्रिटेन का 11वां फॉर्मूला-1 विश्व चैंपियन बना दिया।
यह सीज़न मैक्लारेन के लिए भी खास रहा। टीम ने अक्टूबर में ही कंस्ट्रक्टर्स चैंपियनशिप जीत ली थी और लगातार दूसरे साल यह खिताब अपने नाम किया। साथ ही, 1998 के बाद पहली बार मैक्लारेन ने ड्राइवर और कंस्ट्रक्टर्स दोनों खिताब एक ही सीज़न में जीते।
लैंडो नॉरिस ने पूरे साल लगातार अच्छे प्रदर्शन किए। कई रेसों में वे वेरस्टैपेन और पियास्त्री दोनों से कड़ी टक्कर लेते दिखे। अबू धाबी में उन्होंने सुरक्षित ड्राइविंग की और वही अंक हासिल किए जिनसे खिताब सुनिश्चित हो गया।
वेरस्टैपेन ने रेस जीत कर अपनी क्षमता फिर साबित की, लेकिन पूरे सीज़न के कुल अंक उनकी चैंपियनशिप बचाने के लिए काफी नहीं थे। अंतिम रेस जीतने के बावजूद सिर्फ दो अंक से खिताब हाथ से निकल जाना उनके लिए निराशाजनक रहा।
मैक्लारेन के युवा ड्राइवर पियास्त्री भी पूरे साल शानदार फॉर्म में रहे। अबू धाबी में दूसरा स्थान लेकर उन्होंने दिखाया कि वे भविष्य में बड़ी चुनौतियाँ पेश कर सकते हैं।
यह सीज़न न सिर्फ क़रीबी मुकाबले से भरा था बल्कि नए चैंपियन नॉरिस और मजबूत टीम मैक्लारेन के कारण यादगार भी बन गया।