नई दिल्ली : किसानों को बुढ़ापे में आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पीएम किसान मानधन योजना है। इस योजना में बहुत ही मामूली अंशदान (55 से 200 रुपये महीने) देकर 60 की उम्र के बाद 3000 रुपये पेंशन मिलेगी। इस योजना की खास बात है कि जितना अंशदान आप देंगे, सरकार की ओर से भी उतना ही अंशदान दिया जाएगा। अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि के लाभार्थी हैं तो ये पैसा भी आपको अपनी जेब से देने की जरूरत नहीं है। पीएम किसान के पैसों से ही यह किस्त कट जाएगी।
देश के छोटे व सीमांत किसानों के सुरक्षित भविष्य के लिए केंद्र सरकार ने 9 अगस्त 2019 को प्रधानमंत्री किसान मान-धन योजना (PM-KMY) की शुरुआत की। इस योजना का उद्देश्य 60 की उम्र के बाद किसानों को मासिक पेंशन देकर आर्थिक मदद करना है। बुढ़ापे में किसानों के लिए यह योजना काफी मददगार साबित हो रही है। 18 से 40 साल की उम्र के किसान इस योजना से जुड़ सकते हैं। इस योजना के अंतर्गत बहुत ही कम अंशदान (55 से 200 रुपये प्रति माह)देकर सामाजिक सुरक्षा हासिल की जा सकती है।
उद्देश्य
PM-KMY योजना के तहत किसानों को बुढ़ापे में निश्चित आर्थिक मदद देना है।
बुढ़ापे में किसानों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर न रहना पड़े।
पुरुष या स्त्री कोई भी इस योजना से जुड़कर 60 की उम्र के बाद 3000 पेंशन पा सकता है।
विशेषताएं
3000 रुपये पेंशन मिलती है हर महीने 60 की उम्र के बाद।
पेंशन के लिए 18 से 40 की उम्र तक 55 से 200 रुपये ही अंशदान देना होता है।
पात्रता
लघु और सीमांत किसानों के लिए यह योजना है।
18 से 40 साल की उम्र के बीच इस योजना से जुड़ा जा सकता है।
इन किसानों को नहीं मिलेगा पीएम किसान मानधन योजना का लाभ
राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS), ESICS या EPF (पीएफ) जैसी पेंशन योजना से जुड़े किसान।
बड़े जमींदार, जो संस्थागत भूमिधारक हैं।
संवैधानिक पदों पर वर्तमान या पूर्व में रहे हों।
विधायी निकायों के मौजूदा या पूर्व सदस्य।
केंद्र या राज्य सरकार के अंतर्गत आने वाले विभाग में नौकरी या रिटायर।
मल्टी-टास्किंग स्टाफ/वर्ग IV/समूह डी कर्मचारियों को इसमें छूट मिली है।
आवेदन से एक साल पहले के वर्ष में इनकम टैक्स भरने वाले।
डॉक्टर, इंजीनियर, वकील, सीए, आर्किटेक्ट जैसे प्रोफेशनल्स।
लाभार्थियों के लिए नियम
अगर आप प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत केंद्र सरकार से हर साल 6000 रुपये ले रहे हैं तो आप चाहें तो इस पैसों से ही पीएम किसान मानधन योजना की किस्त कटवा सकते हैं। आपको बैंक को इस बारे में सूचना देना है। इसके बाद जब भी पीएम किसान की किस्त का पैसा खाते में आएगा, आपके अकाउंट से हर महीने के अंशदान के हिसाब से पैसा कट जाएगा।
आवेदन कैसे करें ?
योजना से जुड़ने के इच्छुक किसान को नजदीक के कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) जाना होगा।
अपने साथ बैंक पासबुक और आधार कार्ड लेकर जाएं।
ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) आपकी ओर से ऑनलाइन फॉर्म भरेगा।
इसमें आपका आधार नंबर, पता, मोबाइल नंबर, पति या पत्नी का नाम, नॉमिनी का नाम वगैरह यह सब भरना होगा।
लाभार्थी को अपने बैंक खाते से हर महीने की एक निश्चित तारीख को किस्त का पैसा कटने के लिए ऑटो डेबिट की अनुमति देनी होगी।
LIC की ओर से बैंक यह पैसा आपके खाते से काटेगा।
आवेदन के बाद बैंक अधिकारी सभी जानकारियों की जांच करेंगे।
Enrolment cum Debit mandate form को स्कैन करके अपलोड कर दिया जाएगा।
इसके बाद आपको यूनीक पेंशन नंबर मिल जाएगा।
किस्त कब कटेगी ?
यह आपके ऊपर निर्भर करेगा। आप मासिक, त्रिमासिक, छमाही या वार्षिक कोई भी विकल्प चुन सकते हैं।
जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड
बैंक पासबुक
जमीन के कागज
पासपोर्ट साइज फोटो
ऑटो डेबिट फॉर्म