भारत सरकार ने वित्त वर्ष 2026 (FY26) के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की पहली अग्रिम गणना जारी की है, जो केंद्रीय बजट तैयार करने की प्रक्रिया का पहला औपचारिक कदम है। इन आंकड़ों के अनुसार, वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर FY26 में 7.4% रहने का अनुमान है, जो FY25 में 6.5% थी।
अर्थव्यवस्था की इस तेजी में सेवाक्षेत्र की मजबूत वृद्धि मुख्य भूमिका निभा रही है। सेवाक्षेत्र में सुधार के कारण वास्तविक सकल मूल्य संवर्द्धन (GVA) की वृद्धि FY26 में 7.3% रहने का अनुमान है, जबकि FY25 में यह 6.4% थी।
नॉमिनल आधार पर GDP वृद्धि FY26 में 8% रहने का अनुमान है, जो FY25 में 9.8% रही थी और CNBC-TV18 की पोल अनुमान 8.3% से थोड़ी कम है। यह संकेत देता है कि मुद्रास्फीति को ध्यान में रखते हुए अर्थव्यवस्था स्थिर गति से आगे बढ़ रही है।
क्षेत्रवार प्रदर्शन
विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन को देखें तो विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र की वृद्धि दर FY26 में 7% रहने का अनुमान है, जो FY25 में 4.5% थी। कृषि क्षेत्र की वृद्धि दर 3.1% रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 4.6% थी। वहीं, खनन (Mining) क्षेत्र में 0.7% की गिरावट की संभावना है, जबकि बिजली क्षेत्र की वृद्धि दर 2.1% रहने की उम्मीद है।
निर्माण (Construction) क्षेत्र FY26 में 7% की वृद्धि दर्ज कर सकता है, जो FY25 में 9.4% थी। व्यापार, होटल और परिवहन सेवाओं (Trade, Hotels & Transport) में 7.5% की वृद्धि का अनुमान है। वित्तीय सेवाएँ, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं (Financial Services, Real Estate & Professional Services) का अनुमानित विस्तार 9.9% है, जो सरकारी प्रशासन, रक्षा और अन्य सेवाओं के साथ मेल खाता है। यह दिखाता है कि सेवाक्षेत्र पर आधारित आर्थिक सुधार मजबूती से जारी है।
खर्च और निवेश की स्थिति
खपत पक्ष पर नजर डालें तो निजी अंतिम खपत व्यय (Private Final Consumption Expenditure – PFCE) FY26 में 7% रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 7.2% था। यह दर्शाता है कि घरेलू मांग स्थिर है, हालांकि थोड़ी मध्यम गति से बढ़ रही है। वहीं, सरकारी अंतिम खपत व्यय (Government Final Consumption Expenditure – GFCE) 5.2% बढ़ने का अनुमान है, जो FY25 में 2.3% था। यह सार्वजनिक खर्च में बढ़ोतरी को दर्शाता है और अर्थव्यवस्था में समर्थन का संकेत देता है।
निवेश की दिशा में ग्रॉस फिक्स्ड कैपिटल फॉर्मेशन (Gross Fixed Capital Formation) 7.8% बढ़ने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 7.1% थी। यह पूंजीगत व्यय में मजबूती और निवेश गतिविधियों में बढ़ोतरी का संकेत देता है। वहीं, निर्यात (Exports) में 6.4% की वृद्धि रहने का अनुमान है, जो पिछले वर्ष 6.3% थी।
साल FY26 के लिए ये प्रारंभिक अनुमान यह संकेत देते हैं कि भारत की अर्थव्यवस्था सेवाक्षेत्र-संचालित सुधार के जरिए मजबूत वृद्धि कर रही है। विनिर्माण और निर्माण क्षेत्रों में तेजी, साथ ही सरकारी खर्च और निजी निवेश में बढ़ोतरी, आर्थिक गतिविधियों को गति दे रही है। हालांकि कृषि और खनन क्षेत्रों में धीमी गति की संभावना है, कुल मिलाकर FY26 में आर्थिक वृद्धि स्थिर और सकारात्मक रहने की उम्मीद है।