विन न्यूज़ नेटवर्क। भारतीय वायुसेना ने 8 अक्टूबर को गाजियाबाद के हिंडन एयरफोर्स स्टेशन पर अपना 94वां स्थापना दिवस मनाया। इस मौके पर वायुसेना की युद्धक क्षमता, आधुनिक तकनीक और स्वदेशी रक्षा शक्ति की शानदार झलक देखने को मिली।
समारोह में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मुख्य परेड का निरीक्षण किया और वायु योद्धाओं की सलामी ली। कार्यक्रम में तीनों सेनाओं के प्रमुखों के साथ कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और पूर्व वायुसेना प्रमुख भी मौजूद रहे।
हिंडन में दिखी वायुसेना की ताकत
वायुसेना दिवस समारोह के दौरान हिंडन एयरबेस पर भव्य परेड और फ्लाईपास्ट का आयोजन किया गया। आसमान में लड़ाकू विमानों और हेलीकॉप्टरों की गर्जना ने भारतीय वायुसेना की ऑपरेशनल क्षमता का प्रदर्शन किया।
वायुसेना प्रमुख एपी सिंह 1960 के दशक की विंटेज कार से परेड स्थल पहुंचे। इसके बाद तीन हेलीकॉप्टरों ने ‘ध्वज’ फॉर्मेशन में फ्लाईपास्ट किया। इस दौरान वायुसेना के विभिन्न विमानों और हेलीकॉप्टरों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया।
पहली बार प्रदर्शनी में ब्रह्मोस मिसाइल
इस बार हिंडन एयरबेस की स्टैटिक डिस्प्ले में ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल खास आकर्षण का केंद्र रही। वायुसेना दिवस की प्रदर्शनी में पहली बार ब्रह्मोस को शामिल किया गया है।
ब्रह्मोस भारतीय सशस्त्र सेनाओं की प्रमुख सटीक मारक क्षमता वाली मिसाइल प्रणालियों में शामिल है। इसका प्रदर्शन भारत की बढ़ती स्वदेशी रक्षा क्षमता और सटीक प्रहार करने की तकनीकी ताकत को भी दर्शाता है।
राफेल, सुखोई और तेजस भी रहे आकर्षण
ब्रह्मोस के साथ प्रदर्शनी में राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर और तेजस जैसे लड़ाकू विमानों को भी प्रदर्शित किया गया। इन विमानों ने भारतीय वायुसेना की आधुनिक हवाई युद्ध क्षमता की तस्वीर पेश की।
हेलीकॉप्टरों में एलसीएच प्रचंड और एएलएच ध्रुव भी प्रदर्शनी का हिस्सा रहे। इसके अलावा आकाश जैसे एयर डिफेंस सिस्टम और अन्य आधुनिक हथियार प्रणालियों को भी लोगों के सामने रखा गया।
‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ है इस साल की थीम
इस वर्ष वायुसेना दिवस की थीम ‘Indian Air Force – Infallible, Impervious and Precise’, यानी ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ रखी गई है। यह थीम वायुसेना की मजबूत परिचालन तैयारी, प्रभावी एयर डिफेंस और सटीक प्रहार करने की क्षमता को दर्शाती है।
बढ़ रही है वायुसेना की कॉम्बैट रेडीनेस
वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने एयर फोर्स डे के संदेश में कहा कि ऑपरेशन सिंदूर ने एकीकृत हवाई अभियानों की अहमियत और वायुसेना की युद्धक क्षमता को सामने रखा। उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना अपनी कॉम्बैट रेडीनेस लगातार बढ़ा रही है और नई तकनीकों को तेजी से अपने ऑपरेशनल प्लान का हिस्सा बना रही है।
स्वदेशी रक्षा क्षमता पर जोर
इस वर्ष की प्रदर्शनी में तेजस, प्रचंड, आकाश और ब्रह्मोस जैसे स्वदेशी या भारत में विकसित प्रमुख रक्षा सिस्टम विशेष आकर्षण रहे। इनका प्रदर्शन रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और आधुनिक तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल को रेखांकित करता है।
8 अक्टूबर 1932 को हुई थी वायुसेना की स्थापना
भारतीय वायुसेना की स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। आज 94 साल बाद वायुसेना लड़ाकू विमानों, मिसाइलों, हेलीकॉप्टरों, एयर डिफेंस सिस्टम और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध क्षमता के साथ देश की हवाई सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
वायुसेना दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वायु योद्धाओं के साहस, समर्पण और देश के आसमान की सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सलाम किया।