विन न्यूज़ नेटवर्क। अमेरिका की संघीय जांच एजेंसी एफबीआई ने एक भारतीय नागरिक अमृतपाल सिंह को अपनी मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल कर लिया है। एजेंसी का आरोप है कि अमृतपाल सिंह एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क से जुड़ा हुआ है और संगठित अपराध से जुड़े ऐसे गिरोह का हिस्सा रहा है, जो अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको में मादक पदार्थों की तस्करी का बड़ा नेटवर्क संचालित करता था।
एफबीआई द्वारा जारी जानकारी के बाद यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। जांच एजेंसी ने आम लोगों से भी अपील की है कि यदि अमृतपाल सिंह के बारे में कोई जानकारी हो तो तत्काल अधिकारियों को सूचित करें।
अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़े होने का आरोप
एफबीआई के अनुसार, अमृतपाल सिंह पर रविंदर ढांडा ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का सक्रिय सदस्य होने का आरोप है। जांच एजेंसी का दावा है कि यह गिरोह लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल रहा है।
आरोप है कि अमृतपाल सिंह ने गिरोह के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर कोकीन और मेथामफेटामाइन जैसे प्रतिबंधित मादक पदार्थों की तस्करी की साजिश में भूमिका निभाई। जांच एजेंसियों का मानना है कि यह नेटवर्क कई देशों में सक्रिय था और संगठित तरीके से ड्रग्स की आपूर्ति करता था।
कनाडा से संचालित होता था नेटवर्क
एफबीआई की जांच के मुताबिक, रविंदर ढांडा ऑर्गनाइज्ड क्राइम ग्रुप का संचालन कनाडा के वैंकूवर से किया जाता था। वहां से यह नेटवर्क अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको तक फैला हुआ था।
जांच एजेंसियों का कहना है कि गिरोह सीमापार ड्रग्स की तस्करी के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल करता था। इस पूरे नेटवर्क की गतिविधियों की लंबे समय से निगरानी की जा रही थी, जिसके बाद कई लोगों की पहचान की गई।
अदालत ने पहले ही जारी कर दिया था गिरफ्तारी वारंट
एफबीआई के अनुसार, 23 जून 2026 को लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत ने अमृतपाल सिंह के खिलाफ फेडरल अरेस्ट वारंट जारी किया था।
जांच एजेंसी ने उसकी पहचान से जुड़ी जानकारी भी सार्वजनिक की है। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अमृतपाल सिंह की जन्मतिथि 7 जनवरी 1996 है और वह भारतीय नागरिक है। एजेंसी ने पहचान सुनिश्चित करने के लिए उसकी वर्ष 2024 की एक तस्वीर भी जारी की है।
एफबीआई ने जनता से मांगी मदद
एफबीआई ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को अमृतपाल सिंह की गतिविधियों या वर्तमान ठिकाने के बारे में कोई जानकारी हो तो तुरंत एजेंसी से संपर्क करें।
फिलहाल इस पूरे मामले की जांच एफबीआई के लॉस एंजिलिस फील्ड ऑफिस द्वारा की जा रही है। एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच जारी है और अन्य संदिग्धों की भूमिका भी खंगाली जा रही है।
इससे पहले भी भारतीय मूल के आरोपी पहुंचे थे एफबीआई की सूची में
यह पहला मौका नहीं है जब किसी भारतीय नागरिक का नाम एफबीआई की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल हुआ हो। इससे पहले जग्गू भगवानपुरिया गैंग से जुड़े गैंगस्टर नीतीश कौशल को भी एजेंसी ने अपनी वांटेड सूची में शामिल किया था।
एफबीआई का आरोप है कि नीतीश कौशल अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध सिंडिकेट का सक्रिय सदस्य रहा है और कई गंभीर आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
नीतीश कौशल पर कई गंभीर आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, नीतीश कौशल पर हत्या, अपहरण, रंगदारी, हथियारों की तस्करी, ड्रग्स सप्लाई, मनी लॉन्ड्रिंग और मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप हैं।
एफबीआई का दावा है कि पंजाब से शुरू हुआ यह आपराधिक नेटवर्क बाद में अमेरिका के कैलिफोर्निया समेत कई देशों तक फैल गया। गिरोह पर संगठित अपराध के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध गतिविधियां संचालित करने के आरोप लगाए गए हैं।
कैलिफोर्निया की अदालत से भी जारी हो चुका है वारंट
एफबीआई के मुताबिक, नीतीश कौशल के खिलाफ भी अमेरिका के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट ऑफ कैलिफोर्निया की अदालत ने 25 जून 2026 को गिरफ्तारी वारंट जारी किया था।
जांच एजेंसियों का आरोप है कि उसने संगठित अपराध गिरोह के लिए कई हिंसक घटनाओं को अंजाम देने में भूमिका निभाई और अपराध सिंडिकेट की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय रूप से सहयोग किया।
अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर एजेंसियों की कड़ी नजर
हाल के वर्षों में अमेरिका, कनाडा और अन्य देशों की जांच एजेंसियां अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई कर रही हैं। सीमा पार संचालित अपराध सिंडिकेट्स पर निगरानी बढ़ाई गई है और विभिन्न देशों की एजेंसियां साझा अभियान भी चला रही हैं।
एफबीआई का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का मामला नहीं, बल्कि वैश्विक सुरक्षा के लिए भी गंभीर चुनौती है। ऐसे नेटवर्क पर कार्रवाई के लिए कई देशों की एजेंसियां मिलकर काम कर रही हैं।
जांच जारी, आगे हो सकती है बड़ी कार्रवाई
अमृतपाल सिंह को मोस्ट वांटेड सूची में शामिल किए जाने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई है। जांच एजेंसी उसके संभावित ठिकानों और संपर्कों की जानकारी जुटा रही है। यदि उसके बारे में कोई ठोस सूचना मिलती है तो उसके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, इस मामले में लगाए गए आरोप फिलहाल एफबीआई की जांच और अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों पर आधारित हैं। अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।