विन न्यूज़ नेटवर्क। इटावा से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र के तोड़ा गांव में रहने वाले 35 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर आनंद उर्फ महबूब राजपूत की हत्या कथित तौर पर उसकी पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर कर दी। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, 12 जुलाई की रात आरोपी पत्नी आशिकी देवी ने पति को दूध में नशीली गोलियां मिलाकर पिला दिया। दूध पीने के कुछ देर बाद आनंद बेहोश हो गया। इसके बाद पत्नी और उसके प्रेमी शिवम राजपूत ने मिलकर उसका गला दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई।
पुराने विवाद से शुरू हुई साजिश
जांच में सामने आया कि कुछ समय पहले आनंद ने अपनी पत्नी को पड़ोसी शिवम राजपूत के साथ आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। उस समय आशिकी देवी ने खुद को निर्दोष बताते हुए शिवम पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था, जिसके बाद शिवम जेल चला गया था।
हालांकि जून की शुरुआत में जेल से बाहर आने के बाद दोनों के बीच फिर से संपर्क शुरू हो गया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान आनंद को रास्ते से हटाने की योजना बनाई गई।
आत्महत्या दिखाने के लिए रचा गया ड्रामा
हत्या के बाद शिवम राजपूत कमरे से निकलते समय दरवाजा बाहर से बंद कर गया, ताकि मामला आत्महत्या जैसा लगे। इसके बाद आशिकी देवी ने शोर मचाना शुरू किया और आसपास के लोगों को बताया कि उसके पति ने आत्महत्या कर ली है।
लेकिन जांच के दौरान पुलिस को दरवाजे का बाहर से बंद होना संदिग्ध लगा। इसी आधार पर पुलिस ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ की। सख्ती से पूछताछ करने पर दोनों के बयान बदलने लगे और अंततः उन्होंने हत्या की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोला राज
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण गला दबाना बताया गया है। रिपोर्ट ने पुलिस की आशंका को सही साबित कर दिया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि सुनियोजित हत्या थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और आरोपियों के कबूलनामे के आधार पर मामला पूरी तरह स्पष्ट हो गया है।
दोनों आरोपी गिरफ्तार
सिविल लाइन थाना पुलिस ने पत्नी आशिकी देवी और उसके प्रेमी शिवम राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों के खिलाफ हत्या और आपराधिक साजिश सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि हत्या की योजना कब बनाई गई थी और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका थी।
गांव में चर्चा का विषय बना मामला
तोड़ा गांव में इस घटना के बाद लोगों में दहशत और हैरानी का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आनंद प्रॉपर्टी का काम करता था और गांव में उसकी अच्छी पहचान थी। किसी को अंदाजा नहीं था कि घरेलू विवाद इतनी भयावह घटना का रूप ले लेगा।
पुलिस ने फिलहाल दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।