देहरादून : देश के ज्यादातर हिस्सों में मानसूनी बारिश जारी है। उत्तराखंड में शनिवार से भारी बारिश जारी है। यहां चारधाम यात्रा अगले 24 घंटे के लिए रोक दी गई है। यात्रियों को हरिद्वार, ऋषिकेश, श्रीनगर, रुद्रप्रयाग, सोनप्रयाग और विकासनगर में ही रोकने के आदेश दिए गए हैं। उत्तरकाशी में यमुनोत्री मार्ग पर बादल फटने से निर्माणाधीन होटल में काम करने वाले 2 मजदूरों की मौत हो गई और 7 मजदूर लापता हैं। वहीं, बागेश्वर में सरयू नदी ने खतरे का निशान पार कर लिया है। अलकनंदा और सरस्वती भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। मानसून ने पूरे देश को कवर कर लिया है। मौसम विभाग (IMD) ने बताया है कि आमतौर पर यह 8 जुलाई तक होता है, लेकिन इस बार मानसून 9 दिन पहले ही पूरे देश में फैल गया। देशभर में आज बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग पर एक बड़ी भूस्खलन की घटना हुई। वहां काम करने वाले 29 लोग इसकी चपेट में आ गए। वहां पर बचाव दल पहुंचा और 20 लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया। 2 लोगों के शव बरामद किए गए हैं। SDRF, NDRF, प्रशासन, आपदा प्रबंधन के लोग, सभी मिलकर लगातार बचाव कार्य में लगे हुए हैं। सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं। खराब मौसम को देखते हुए 24 घंटे के लिए चार धाम यात्रा को रोक दिया गया है। जैसे ही मौसम की ठीक होगा, जो यात्री और श्रद्धालु आए हैं, उन्हें बाहर निकाला जाएगा। सभी की सुरक्षा हमारे लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है। जो यात्री रुके हुए हैं या खराब मौसम के कारण गंतव्य को प्रस्थान नहीं कर पाए हैं, उनके लिए आवास और खाने की व्यवस्था की गई है। UPSC की परीक्षा ठीक प्रकार से संचालित हो रही है। प्रशासन के लोगों के द्वारा छात्रों को जहां पहुंचना था, वहां उन्हें पहुंचाया भी गया है। खराब मौसम के बावजूद परीक्षाओं में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों का प्रतिशत गत वर्षों से अच्छा है। कुल मिलाकर हमारा प्रयास है कि कोई भी जनहानि ना हो, किसी प्रकार का नुकसान ना हो।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र, देहरादून पहुंचकर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में हो रही भारी वर्षा की स्थिति की जानकारी ली। विशेष रूप से उत्तरकाशी जनपद में बादल फटने की घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्यों की गहन समीक्षा की। इस दौरान अगले 24 घंटे सभी जिलाधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने और आपदा प्रबंधन से जुड़े सभी संसाधनों को पूर्णतः तैयार रखने के निर्देश दिए। हेली एम्बुलेंस, SDRF तथा अन्य राहत एवं बचाव दलों को भी पूरी तरह मुस्तैद और तैनात रहने के लिए निर्देशित किया ताकि आपात स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। साथ ही अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को भोजन, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने समेत बंद सड़कों को शीघ्रता से खोलने के निर्देश दिए। हमारी सरकार लगातार स्थिति पर नज़र बनाए हुए है। प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।