भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए महिला टी20 विश्व कप मुकाबले में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने एक और ऐतिहासिक उपलब्धि अपने नाम कर ली। अपनी शानदार पारी के दम पर हरमनप्रीत ने पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज का बड़ा रिकॉर्ड तोड़ते हुए महिला टी20 विश्व कप इतिहास में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया।
इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में हरमनप्रीत कौर ने 36 रनों की महत्वपूर्ण पारी खेली। इसी दौरान उन्होंने टी20 विश्व कप में भारत के लिए सर्वाधिक रन बनाने का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। अब उनके नाम 34 पारियों में 762 रन दर्ज हो गए हैं, जबकि मिताली राज ने 23 पारियों में 726 रन बनाए थे। इस उपलब्धि के साथ हरमनप्रीत भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ने में सफल रही हैं।
महिला टी20 विश्व कप में भारत की ओर से सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ियों की सूची में हरमनप्रीत शीर्ष पर पहुंच गई हैं। इस सूची में मिताली राज दूसरे, स्मृति मंधाना तीसरे, जेमिमा रोड्रिग्स चौथे और पूनम राऊत पांचवें स्थान पर हैं। हरमनप्रीत की यह उपलब्धि उनकी निरंतरता, अनुभव और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है।
हालांकि विश्व स्तर पर सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड अभी भी न्यूजीलैंड की स्टार बल्लेबाज सूजी बेट्स के नाम दर्ज है, जिन्होंने महिला टी20 विश्व कप में 1,216 रन बनाए हैं। उनके बाद वेस्टइंडीज की स्टेफनी टेलर, ऑस्ट्रेलिया की एलिसा हीली और मेग लैनिंग का नाम आता है।

मुकाबले की बात करें तो भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। भारत की शुरुआत उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा केवल 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बाद भारतीय बल्लेबाजों ने संभलकर खेलते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। कप्तान हरमनप्रीत ने जिम्मेदारी भरी पारी खेली और मध्यक्रम को मजबूती प्रदान की।
भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन का प्रतिस्पर्धी स्कोर खड़ा किया। इसके साथ ही पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 171 रनों का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा गया। भारत की बल्लेबाजी में सामूहिक प्रयास देखने को मिला, जबकि कप्तान हरमनप्रीत की रिकॉर्डतोड़ पारी मैच का सबसे बड़ा आकर्षण रही।
इस ऐतिहासिक उपलब्धि ने न सिर्फ भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को गर्व का मौका दिया, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि हरमनप्रीत कौर बड़े टूर्नामेंटों में टीम के लिए लगातार अहम भूमिका निभाती रही हैं। उनके नाम दर्ज यह रिकॉर्ड आने वाले वर्षों तक भारतीय महिला क्रिकेट में एक बड़ी उपलब्धि के रूप में याद किया जाएगा।