प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2026 में फ्रांस में आयोजित होने वाले G7 शिखर सम्मेलन में सातवीं बार हिस्सा लेने जा रहे हैं। फ्रांस की अध्यक्षता में आयोजित होने वाला यह 52वां G7 सम्मेलन 16-17 जून को एविएन शहर में होगा, जहां भारत एक साझेदार देश के रूप में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा।
प्रधानमंत्री मोदी 14 से 18 जून तक फ्रांस और स्लोवाकिया की यात्रा पर रहेंगे। इस दौरान वे G7 सम्मेलन के आउटरीच सत्र में भी भाग लेंगे, जहां अन्य आमंत्रित देशों के नेताओं के साथ वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करेंगे। इस बार सम्मेलन का मुख्य फोकस अंतरराष्ट्रीय सहयोग, विकासात्मक साझेदारी, संतुलित विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के प्रभावी उपयोग पर रहेगा।
भारत को इस वर्ष G7 बैठकों में विशेष प्राथमिकता दी गई है। इससे पहले विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर भी पेरिस में आयोजित G7 विदेश मंत्रियों की बैठक में हिस्सा ले चुके हैं। फ्रांस ने भारत को लगातार विभिन्न G7 बैठकों में आमंत्रित किया है, जो दोनों देशों के मजबूत द्विपक्षीय संबंधों और भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाता है।
सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की कई द्विपक्षीय बैठकों की भी संभावना है। इनमें सबसे अधिक चर्चा अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ संभावित मुलाकात को लेकर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दोनों नेताओं की मुलाकात 17 जून को एविएन में G7 के साइडलाइन में हो सकती है। यदि यह बैठक होती है, तो यह हाल के वैश्विक घटनाक्रमों के बाद दोनों नेताओं की पहली आमने-सामने मुलाकात होगी।
इस दौरान भारत और अमेरिका के द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी बातचीत की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा पीएम मोदी कई अन्य देशों के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों से भी मुलाकात कर सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार यह दौरा वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका को और मजबूत करेगा तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की कूटनीतिक स्थिति को नई दिशा देगा।