असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए प्रचार अभियान अब अपने चरम पर पहुँच गया है. भारतीय जनता पार्टी के फायरब्रांड नेता और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को असम की धरती से विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला. एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने कांग्रेस और एआईयूडीएफ (UDF) गठबंधन को आड़े हाथों लिया. योगी आदित्यनाथ ने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इन दलों को देश की सुरक्षा की कोई परवाह नहीं है, क्योंकि इन्हें केवल घुसपैठियों के वोट चाहिए. उन्होंने जनता को आगाह किया कि ये लोग अफवाह फैलाकर समाज को गुमराह करने का काम कर रहे हैं.
मुख्यमंत्री योगी ने अपने भाषण में उत्तर प्रदेश के ‘सुशासन’ का उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या में 500 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ है. उन्होंने जोर देकर कहा कि आज वहां न उग्रवाद है, न नक्सलवाद और न ही सड़कों पर नमाज पढ़ी जाती है. उन्होंने असम की जनता को भरोसा दिलाया कि भाजपा की ‘डबल इंजन’ सरकार राज्य से ‘लैंड जिहाद’ और ‘लव जिहाद’ जैसी समस्याओं का पूरी तरह सफाया करने के लिए प्रतिबद्ध है. उनके अनुसार, यह गारंटी केवल भाजपा और एनडीए ही दे सकते हैं, क्योंकि कांग्रेस की प्राथमिकताएं देशहित के बजाय वोट बैंक की राजनीति से प्रेरित हैं.
विकास के मोर्चे पर बोलते हुए योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन की सराहना की. उन्होंने कहा कि पिछले 60 वर्षों में कांग्रेस ने पूर्वोत्तर को हाशिए पर रखा था, जबकि मोदी जी ने अपने कार्यकाल में 78 बार इस क्षेत्र की यात्रा की है. उन्होंने दावा किया कि आज पूर्वोत्तर के हर राज्य में रेल कनेक्टिविटी पहुँच चुकी है और सड़कों का जाल बिछाया गया है, जो कांग्रेस के शासनकाल में कभी संभव नहीं हो पाया था. कनेक्टिविटी के इस सुधार को उन्होंने ‘एक्ट ईस्ट’ नीति की एक बड़ी सफलता बताया.
योगी आदित्यनाथ का यह दौरा असम में भाजपा के हिंदूवादी जेंडे और विकास के दावों को मजबूती देने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है. घुसपैठ का मुद्दा असम की राजनीति में हमेशा से संवेदनशील रहा है और सीएम योगी ने इसी नब्ज पर हाथ रखकर चुनावी माहौल को गरमा दिया है. विपक्षी दलों ने उनके इस बयान की निंदा करते हुए इसे ध्रुवीकरण की राजनीति बताया है, लेकिन भाजपा समर्थकों के बीच इस भाषण ने नया जोश भर दिया है.