फेसबुक फ्रेंडशिप से करोड़ों की ठगी! कानपुर के रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अफसर को निवेश के जाल में फंसाकर लूटे 1.24 करोड़

Vin News Network
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फेसबुक पर दोस्ती, मुनाफे का लालच और फिर करोड़ों की ठगी

विन न्यूज़ नेटवर्क। सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करना कितना भारी पड़ सकता है, इसका एक बड़ा उदाहरण कानपुर में सामने आया है। यहां फेसबुक पर शुरू हुई एक दोस्ती ने रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अधिकारी को करोड़ों रुपये का नुकसान पहुंचा दिया।

साइबर ठगों ने पहले भरोसा जीता और फिर शेयर बाजार में मोटे मुनाफे का लालच देकर पीड़ित से अलग-अलग किस्तों में कुल 1.24 करोड़ रुपये ट्रांसफर करा लिए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम में से करीब 24 लाख रुपये होल्ड कराए हैं।

फेसबुक रिक्वेस्ट से शुरू हुआ ठगी का खेल

जानकारी के मुताबिक, कानपुर निवासी रिटायर्ड मर्चेंट नेवी अधिकारी की फेसबुक पर एक महिला के नाम से बनी प्रोफाइल से दोस्ती हुई। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत हुई। धीरे-धीरे आरोपी ने पीड़ित का विश्वास जीत लिया और खुद को निवेश से जुड़ी जानकारी रखने वाला बताया।

इसके बाद बातचीत को शेयर बाजार और निवेश की ओर मोड़ दिया गया। पीड़ित को बताया गया कि कुछ खास जगहों पर पैसा लगाकर कम समय में बड़ा मुनाफा कमाया जा सकता है।

मुनाफे का झांसा देकर 19 बार कराया ट्रांसफर

साइबर ठगों ने पीड़ित को इस तरह अपने जाल में फंसाया कि उन्होंने अलग-अलग समय पर कई बार पैसे ट्रांसफर कर दिए। जानकारी के अनुसार, कुल 19 बार लेनदेन कराकर उनसे करीब 1.24 करोड़ रुपये ऐंठ लिए गए।

ठगों ने निवेश के नाम पर भरोसा बनाए रखा और पीड़ित को लगातार ज्यादा रिटर्न मिलने का सपना दिखाते रहे। जब पीड़ित से और करीब 90 लाख रुपये की मांग की गई, तब उन्हें शक हुआ।

बेटे और दोस्त की सलाह से खुला ठगी का राज

लगातार पैसे की मांग बढ़ने के बाद पीड़ित ने अपने बेटे और एक दोस्त से इस बारे में चर्चा की। उनकी सलाह के बाद पूरे मामले की जांच की गई तो पता चला कि जिस निवेश योजना में पैसे लगाए जा रहे थे, वह साइबर ठगी का हिस्सा हो सकती है।

इसके बाद पीड़ित ने पुलिस से संपर्क किया और शिकायत दर्ज कराई।

साइबर पुलिस ने शुरू की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर टीम की मदद से जांच शुरू कर दी है। शुरुआती कार्रवाई में पुलिस ने कुछ रकम को होल्ड कराया है ताकि उसे वापस दिलाने की कोशिश की जा सके।

साइबर विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की ठगी में अपराधी पहले सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं, फिर विश्वास बनाकर निवेश के नाम पर बड़ी रकम ऐंठ लेते हैं। देशभर में ऐसे कई मामलों में सोशल मीडिया दोस्ती को ठगी का जरिया बनाया गया है।

ऑनलाइन निवेश से पहले रहें सावधान

विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर शेयर बाजार या किसी ऑनलाइन निवेश योजना में पैसा लगाने से पहले पूरी जांच करनी चाहिए। सोशल मीडिया पर बनी दोस्ती के आधार पर आर्थिक फैसले लेना खतरनाक साबित हो सकता है।

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि ऑनलाइन निवेश के बड़े मुनाफे के दावों से सावधान रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत साइबर हेल्पलाइन को दें।

साइबर ठगी का बढ़ता खतरा

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अब साइबर अपराधियों के लिए लोगों तक पहुंचने का आसान माध्यम बनते जा रहे हैं। ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही इस तरह के अपराधों से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।

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