लखनऊ में पहली बार दिव्य गीता प्रेरणा महोत्सव: मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ ने साझा मंच पर किया शुभारंभ

Vin News Network
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लखनऊ में पहली बार आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा महोत्सव में मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ एक साथ मंच पर नज़र आए। दीप प्रज्वलन के बाद वंदे मातरम् की गूंज ने पूरे माहौल को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।

लखनऊ के जनेश्वर मिश्र पार्क में आयोजित दिव्य गीता प्रेरणा महोत्सव रविवार को सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ, जिसमें RSS प्रमुख मोहन भागवत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक साथ मंच साझा किया और कार्यक्रम का केंद्रबिंदु बने। पहली बार आयोजित इस महोत्सव में सुबह से ही लोगों की भीड़ उमड़नी शुरू हो गई थी, और जैसे ही दोनों विशिष्ट अतिथि स्थल पर पहुँचे, माहौल उत्साह और उम्मीद से भर गया। कार्यक्रम की शुरुआत मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन के साथ हुई, जिसने मंच पर एक शांत, पवित्र और आध्यात्मिक वातावरण निर्मित किया। इसके बाद स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने दोनों प्रमुख अतिथियों को भगवद्गीता की प्रति भेंट की, जिसे कार्यक्रम का अत्यंत भावनात्मक और सम्मानजनक क्षण माना गया। दीप प्रज्वलन के ठीक बाद वंदे मातरम् का सामूहिक गायन हुआ, जिसकी गूंज कार्यक्रम स्थल पर मौजूद हर व्यक्ति को ऊर्जा और भावना से जोड़ती हुई सुनाई दी। यह महोत्सव संत ज्ञानानंद महाराज की संस्था ‘जियो गीता परिवार’ द्वारा आयोजित किया गया था, जिसने गीता के ज्ञान को सरल भाषा में समाज तक पहुँचाने का बड़ा अभियान चलाया है। आयोजनकर्ताओं के अनुसार, यह कार्यक्रम सिर्फ एक आध्यात्मिक सभा नहीं था, बल्कि एक बड़े आंदोलन का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य हर व्यक्ति तक गीता का संदेश पहुँचाना है ताकि लोग न केवल इसे पढ़ें, बल्कि इसे समझकर जीवन में लागू करें। जियो गीता परिवार के महासचिव प्रदीप मित्तल और वरिष्ठ सदस्य मणि प्रसाद मिश्र ने कार्यक्रम के दौरान बताया कि यह आंदोलन अब भारत की सीमाओं से आगे बढ़ चुका है और दुनिया के कई देशों में गीता आधारित जीवनशैली स्वीकार की जा रही है। उन्होंने कहा कि गीता को तनाव, कर्म और निर्णयों को संतुलित करने वाली ज्ञानधारा के रूप में देखा जा रहा है, जिससे इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बड़े एलईडी स्क्रीन पर गीता के श्लोक और उनके सरल अर्थ दिखाए गए, जिससे हर उम्र के लोग श्लोकों का अर्थ आसानी से समझ सके। कार्यक्रम में शामिल हजारों लोगों में युवाओं की संख्या विशेष रूप से उल्लेखनीय रही, जो गीता को आधुनिक जीवन की चुनौतियों का समाधान मानते दिखाई दिए। लखनऊ में पहली बार हुए इस महोत्सव ने न केवल शहर में आध्यात्मिकता का माहौल बनाया, बल्कि गीता के संदेश को व्यापक स्तर पर फैलाने की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ। मोहन भागवत और योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को और अधिक महत्व प्रदान किया, क्योंकि दोनों ही नेताओं ने कई अवसरों पर गीता को जीवन और समाज के लिए आवश्यक बताया है। कार्यक्रम के अंत में लोगों ने आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आगे भी होते रहने चाहिए, ताकि समाज में ज्ञान, धर्म और सकारात्मकता का वातावरण लगातार बना रहे। जियो गीता परिवार ने घोषणा की कि आने वाले महीनों में अन्य शहरों में भी गीता प्रेरणा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिससे अधिक से अधिक लोगों तक इसका संदेश पहुँच सके। इस तरह दिव्य गीता प्रेरणा महोत्सव न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से सफल रहा, बल्कि उसने यह भी साबित किया कि गीता का संदेश आज के समय में पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक और जीवनदायी है।

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