दुनियाभर में जारी भू-राजनीतिक तनाव और संघर्षों के बीच ग्लोबल फायरपावर (GFP) ने वर्ष 2026 के लिए वैश्विक सैन्य शक्ति रैंकिंग जारी कर दी है। इस वार्षिक सूची में 145 देशों की पारंपरिक सैन्य क्षमताओं का आकलन किया गया है। नई रैंकिंग में पाकिस्तान की स्थिति और कमजोर हुई है और वह शीर्ष-10 से बाहर हो गया है, जबकि भारत शीर्ष पांच देशों में अपनी मजबूत स्थिति बनाए हुए है।
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग क्या है
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग दुनिया के देशों की सैन्य ताकत का आकलन करने वाली एक वार्षिक सूची है। इसमें 60 से अधिक कारकों को शामिल किया जाता है, जो किसी देश के पावर इंडेक्स (PwrIndx) स्कोर को निर्धारित करते हैं। इन कारकों में सैन्य संसाधन, हथियार प्रणालियां, जनशक्ति, लॉजिस्टिक्स, बजट और रणनीतिक क्षमताएं शामिल हैं।
ग्लोबल फायरपावर के अनुसार, “एक आदर्श PwrIndx स्कोर 0.0000 होता है, जिसे मौजूदा फॉर्मूले के तहत हासिल नहीं किया जा सकता। PwrIndx स्कोर जितना कम होता है, किसी देश की पारंपरिक युद्ध क्षमता उतनी ही अधिक मानी जाती है।”
भारत शीर्ष पांच में बरकरार
ग्लोबल फायरपावर 2026 रैंकिंग में भारत शीर्ष पांच देशों में शामिल है। रूस और चीन इस सूची में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। रूस को 0.0791 का PwrIndx स्कोर मिला है, जबकि चीन का स्कोर 0.0919 दर्ज किया गया है।
इस रैंकिंग में भारत और दक्षिण कोरिया भी शीर्ष पांच में अपनी जगह बनाए हुए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में शीर्ष पांच देशों की रैंकिंग में कोई बदलाव नहीं हुआ है, जिससे इन देशों की सैन्य स्थिरता और निरंतर क्षमता का संकेत मिलता है।
यूरोपीय और एशियाई देशों की स्थिति
वर्ष 2026 की रैंकिंग में फ्रांस छठे स्थान पर पहुंच गया है। फ्रांस ने बीते वर्षों में लगातार सुधार किया है। वर्ष 2024 में वह 11वें स्थान पर था, 2025 में सातवें स्थान पर पहुंचा और अब 2026 में छठे स्थान पर आ गया है।
जापान भी इस वर्ष एक स्थान ऊपर चढ़ते हुए सातवें स्थान पर पहुंच गया है। वहीं इटली ने 0.2211 के PwrIndx स्कोर के साथ अपनी 10वीं रैंकिंग बरकरार रखी है और वह टॉप-10 देशों में शामिल बना हुआ है।
पाकिस्तान की रैंकिंग में लगातार गिरावट
ग्लोबल फायरपावर रैंकिंग में पाकिस्तान की स्थिति लगातार कमजोर होती दिख रही है। वर्ष 2024 में पाकिस्तान नौवें स्थान पर था। इसके बाद 2025 में उसकी रैंकिंग गिरकर 12वें स्थान पर आ गई और 2026 में वह और नीचे खिसकते हुए 14वें स्थान पर पहुंच गया है।
इस तरह पाकिस्तान की सेना अब दुनिया की शीर्ष-10 सैन्य शक्तियों की सूची से बाहर हो चुकी है। रैंकिंग में यह गिरावट ऐसे समय पर सामने आई है, जब क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और सैन्य संतुलन को लेकर चर्चा जारी है।
जर्मनी का उल्लेखनीय सुधार
इस वर्ष की रैंकिंग में जर्मनी का प्रदर्शन भी चर्चा में रहा है। जर्मनी ने बीते वर्षों में अपनी स्थिति में उल्लेखनीय सुधार किया है। वर्ष 2024 में 19वें स्थान पर रहने वाला जर्मनी 2026 में 12वें स्थान तक पहुंच गया है।
ग्लोबल फायरपावर की सूची में यह उछाल जर्मनी की सैन्य क्षमताओं और संरचनात्मक सुधारों को दर्शाता है, जो उसकी कुल शक्ति रैंकिंग में परिलक्षित हुआ है।
वैश्विक सैन्य संतुलन की तस्वीर
ग्लोबल फायरपावर 2026 रैंकिंग दुनिया में सैन्य संतुलन की मौजूदा स्थिति को दर्शाती है। जहां भारत, रूस और चीन जैसे देश शीर्ष रैंकिंग में अपनी स्थिति बनाए हुए हैं, वहीं पाकिस्तान जैसे देशों की रैंकिंग में गिरावट देखी गई है।
यह रैंकिंग वैश्विक स्तर पर सैन्य शक्ति, रणनीतिक क्षमता और पारंपरिक युद्धक ताकत का एक तुलनात्मक आकलन प्रस्तुत करती है, जिसे हर वर्ष अंतरराष्ट्रीय स्तर पर व्यापक रूप से देखा जाता है।