विन न्यूज़ नेटवर्क। शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद विनायक राउत तथा उनके परिवार के खिलाफ ठाणे में मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई उनकी बहू गिरिजा राउत की शिकायत के आधार पर की गई है। पुलिस ने घरेलू प्रताड़ना से जुड़े आरोपों के साथ महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन कानून की संबंधित धाराओं के तहत भी एफआईआर दर्ज की है।
किन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज?
कपूरबावड़ी पुलिस थाने में दर्ज शिकायत में पूर्व सांसद विनायक राउत, उनके बेटे और मुंबई महानगरपालिका के कॉर्पोरेटर गीतेश राउत सहित परिवार के अन्य सदस्यों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है।
बहू ने लगाए मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप
गिरिजा राउत ने अपनी शिकायत में कहा है कि विवाह के बाद से उन्हें लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार के कुछ सदस्य उनके साथ अपमानजनक व्यवहार करते थे और उन पर अंधविश्वास से जुड़ी गतिविधियों का दबाव बनाया जाता था।
उन्होंने अपनी शिकायत में मानसिक प्रताड़ना, शारीरिक उत्पीड़न, अपमानजनक व्यवहार, जबरन गोमूत्र पिलाने का आरोप के साथ ही लगातार मानसिक दबाव बनाने का आरोप लगाया है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि सास अलग-अलग परिस्थितियों में उनके साथ अलग व्यवहार करती थीं, जिससे वे लगातार तनाव में रहती थीं।
स्वास्थ्य से जुड़े आरोप भी शामिल
गिरिजा राउत ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने के दौरान उन्हें मासिक धर्म टालने वाली दवाएं लेने के लिए मजबूर किया जाता था। उनका दावा है कि इस कारण उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पति उनके मासिक धर्म से जुड़ी जानकारी दर्ज रखते थे और इस विषय को लेकर असामान्य व्यवहार करते थे।
वैवाहिक जीवन को लेकर गंभीर दावे
शिकायत में वैवाहिक जीवन से जुड़े कई गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। गिरिजा राउत का कहना है कि शादी के बाद उनके पति का व्यवहार सामान्य नहीं था और वे उनसे दूरी बनाकर रखते थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कई मौकों पर उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और धमकी दी गई। विदेश यात्रा के दौरान भी कथित दुर्व्यवहार और उत्पीड़न की घटनाओं का जिक्र शिकायत में किया गया है।
पुलिस जांच जारी
कपूरबावड़ी पुलिस थाना ने शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी आरोपों की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच की जाएगी और संबंधित पक्षों के बयान दर्ज किए जाएंगे। मामले की जांच की जा रही है। सभी तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।