हरियाणा के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा ने मंगलवार को अंबाला जिले के पपलोथा गांव का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मार्कंडा की सहायक नदी ‘बेगना’ के ओवरफ्लो होने से फसल और रिहायशी इलाकों में हुए जलभराव का जायजा लिया। मंत्री ने प्रभावित किसानों की समस्याओं को सुना और अधिकारियों को तत्काल समाधान के निर्देश दिए।
जलभराव और गाद की समस्या पर चर्चा
पपलोथा और आसपास के गांवों के किसानों ने मंत्री को बताया कि बेगना नदी में पिछले कुछ वर्षों से सफाई न होने के कारण गाद (Silt) जमा हो गई है। इसकी जल वहन क्षमता कम होने से हर साल बारिश का पानी खेतों और घरों में घुस जाता है, जिससे फसलों को भारी नुकसान होता है।
मंत्री की मुख्य घोषणाएं और निर्देश:
- नदी की सफाई: सिंचाई विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे बेगना नदी की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में जलभराव की समस्या न हो।
- नुकसान का आकलन: मंत्री ने बताया कि सरकारी निर्देशों के अनुसार, टीमें पूरे हरियाणा में गांवों का दौरा कर रही हैं ताकि फसल के नुकसान का सटीक डेटा जुटाया जा सके और किसानों को राहत प्रदान की जा सके।
- तात्कालिक राहत: स्थानीय प्रशासन को प्रभावित क्षेत्रों से पानी निकालने और फसलों को और अधिक नुकसान से बचाने के लिए कदम उठाने को कहा गया है।
सतत खेती और पर्यावरण पर जोर
किसानों के साथ बातचीत के दौरान श्याम सिंह राणा ने खेती के आधुनिक और सुरक्षित तरीकों पर भी जोर दिया। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे पराली जलाने से बचें क्योंकि यह पर्यावरण को नुकसान पहुँचाता है।
मंत्री का किसानों को परामर्श:
प्राकृतिक खेती (Natural Farming): सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं और प्रोत्साहन राशि दे रही है। किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने के लिए इस ओर कदम बढ़ाना चाहिए।
कीटनाशकों का कम उपयोग: रासायनिक खाद और हानिकारक कीटनाशकों के अत्यधिक प्रयोग को कम करने की सलाह दी गई है ताकि उपभोक्ताओं को सुरक्षित उत्पाद मिलें और खेती की लागत कम हो सके।