विन न्यूज नेटवर्क। देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे बड़े विवाद के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंप दिया है। NEET-UG परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर लगातार बढ़ते विरोध, छात्रों के आंदोलन और विपक्ष के हमलों के बीच यह फैसला बेहद अहम माना जा रहा है।
NEET विवाद के बीच लिया बड़ा निर्णय
पिछले कुछ समय से NEET-UG परीक्षा में गड़बड़ियों के आरोपों को लेकर देशभर में छात्रों का आक्रोश देखने को मिल रहा था। कई राज्यों में प्रदर्शन हुए, जबकि राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भी छात्र लगातार आंदोलन कर रहे थे। परीक्षा प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों ने केंद्र सरकार पर दबाव बढ़ा दिया था। इसी माहौल के बीच धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से हटने का फैसला लिया।


सोशल मीडिया पर दी इस्तीफे की जानकारी
धर्मेंद्र प्रधान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट के जरिए इस्तीफे की जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के हित सर्वोपरि हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक जीवन में जवाबदेही सबसे महत्वपूर्ण होती है और इसी भावना के तहत उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना इस्तीफा सौंप दिया है।
छात्र आंदोलन बना बड़ा मुद्दा
NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्रों और अभिभावकों में लंबे समय से नाराजगी थी। कई छात्र संगठनों ने परीक्षा रद्द करने, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार की मांग की। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष ने भी सरकार को लगातार घेरा और शिक्षा मंत्रालय की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
राजनीतिक हलकों में बढ़ी हलचल
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसे सौंपी जाएगी और सरकार NEET विवाद पर आगे क्या कदम उठाती है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में केंद्र सरकार परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता को लेकर बड़े फैसले ले सकती है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के बाद NEET-UG विवाद एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। छात्रों की मांगों, जांच की दिशा और सरकार की अगली रणनीति पर पूरे देश की नजर बनी हुई है। आने वाले दिनों में इस मामले में कई महत्वपूर्ण फैसले सामने आ सकते हैं।