नई दिल्ली। भारत की संसद अब टेक्नोलॉजी की नई दिशा में कदम बढ़ाने जा रही है। 21 जुलाई से शुरू होने वाले मॉनसून सत्र में लोकसभा में सांसदों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का अनुभव शुरू होने जा रहा है। इसके तहत सांसदों की हाजिरी से लेकर भाषणों की रिकॉर्डिंग तक, सब कुछ अब डिजिटल और स्मार्ट होगा।
अब हाजिरी होगी सीट से ही, नहीं जाना होगा लॉबी तक
लोकसभा में सांसदों को अब अपनी हाजिरी (attendance) लगाने के लिए लॉबी तक जाने की जरूरत नहीं होगी। अब सांसद सीधे अपनी तय की गई सीट पर बैठकर ही हाजिरी लगा सकेंगे, जिससे प्रक्रिया तेज़, पारदर्शी और सटीक हो सकेगी। यह व्यवस्था मॉनसून सत्र से लागू कर दी जाएगी।
अब भाषण बनेंगे टेक्स्ट, वो भी रियल टाइम में
संसद में सांसदों द्वारा दिए गए भाषणों को अब AI की मदद से रियल टाइम में टेक्स्ट में बदला जाएगा। इससे सांसदों के शब्दों का तुरंत रिकॉर्ड तैयार हो सकेगा और बाद में उसका विश्लेषण या अनुवाद भी किया जा सकेगा। AI आधारित तकनीक के ज़रिए सांसदों के भाषणों को कई भाषाओं में ट्रांसलेट भी किया जा सकेगा। यह कदम न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगा, बल्कि अलग-अलग राज्यों और भाषाओं से आने वाले सांसदों को एक-दूसरे को बेहतर समझने में भी मदद करेगा।
राज्यसभा में नया सिस्टम कब आएगा?
जल्द राज्यसभा में भी यह दोनो बदलाव देखने को मिल जाएंगे। सूत्रों की मानें तो इससे न सिर्फ हाजिरी तेजी से लग पाएगी बल्कि उन सांसदों पर भी रोक लगेगी जो सिर्फ हाजिरी लगा कर चले जाया करते थे। यह सिस्टम संसद की लॉबी में लगने वाली भीड़ की समस्या को भी दूर करेगा। शुरू में सांसदों की सुविधा के लिए दोनों सिस्टम 10 दिन तक एक साथ चलाए जाएंगे। धीरे-धीरे पुराने सिस्टम को बंद कर दिया जाएगा।