मुंबई- महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर दिलचस्प मोड़ पर है। राज्य के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को सत्तापक्ष में आने का प्रस्ताव दे दिया है। यह बयान उन्होंने हल्के-फुल्के लेकिन राजनीतिक मायनों से भरपूर लहजे में दिया।
2029 तक नहीं दिख रही विपक्ष की उम्मीद – फडणवीस
फडणवीस ने कहा, “2029 तक हमारे विपक्ष में आने की कोई संभावना नहीं दिख रही। ऐसे में अगर उद्धव ठाकरे जी चाहें तो सत्ता पक्ष में आ सकते हैं… लेकिन इसके लिए थोड़ा अलग तरीके से सोचना होगा।”
उनकी इस बात को भले ही मजाकिया अंदाज़ में कहा गया हो, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसके गंभीर मायने निकाले जा रहे हैं।
दोनों नेताओं की हुई मुलाकात
इस बयान के कुछ ही समय बाद देवेंद्र फडणवीस और उद्धव ठाकरे के बीच मुलाकात भी हुई है। भले ही इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया हो, लेकिन इसे संभावित समीकरणों की शुरुआत भी माना जा रहा है।
क्या है इसके सियासी संकेत?
यह बयान और मुलाकात ऐसे समय पर हुई है जब महाराष्ट्र में 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद सियासी समीकरण लगातार बदल रहे हैं। शिवसेना (उद्धव गुट) की स्थिति कमजोर हुई है, और भाजपा राज्य में सत्ता में मजबूत बनी हुई है।