सोनिया गांधी के खिलाफ आपराधिक शिकायत दाखिल, 1980 में वोटर लिस्ट में नाम होने पर विवाद

नागरिकता से पहले मताधिकार? सोनिया गांधी पर उठे गंभीर सवाल

Vin News Network
Vin News Network
5 Min Read
सोनिया गांधी के खिलाफ शिकायत से गरमाया सियासी पारा
Highlights
  • सोनिया गांधी के खिलाफ राउज एवेन्यू कोर्ट में आपराधिक शिकायत
  • आरोप: 1980 में वोटर लिस्ट में नाम, जबकि नागरिकता 1983 में मिली
  • वकील का दावा: जाली दस्तावेजों के आधार पर नाम जुड़ा

नई दिल्ली। कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी एक नए विवाद में घिरती नजर आ रही हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट में उनके खिलाफ एक आपराधिक शिकायत दाखिल की गई है, जिसमें आरोप है कि उन्होंने भारतीय नागरिक बनने से पहले ही मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वा लिया था। शिकायतकर्ता ने इसको लेकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

यह मामला भारतीय नागरिकता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जुड़ा हुआ है, और अब अदालत की निगरानी में आ गया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (एसीजेएम) वैभव चौरसिया ने गुरुवार को मामले की संक्षिप्त सुनवाई करते हुए इसे 10 सितंबर 2025 तक के लिए टाल दिया है।

क्या है पूरा मामला?
यह शिकायत विकास त्रिपाठी नामक व्यक्ति द्वारा अदालत में दाखिल की गई है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 में नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज था। जबकि रिकॉर्ड के अनुसार, उन्होंने अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिकता प्राप्त की थी। इसका मतलब, शिकायतकर्ता के अनुसार, वह भारत की नागरिक बनने से तीन साल पहले ही भारत की मतदाता बन चुकी थीं, जो भारतीय चुनाव कानूनों के तहत गंभीर उल्लंघन है।

  • वकील की दलीलें – जाली दस्तावेजों की बात
  • विकास त्रिपाठी के वकील ने अदालत में दावा किया कि:
  • सोनिया गांधी का नाम 1980 में मतदाता सूची में जुड़ा,
  • 1982 में हटा दिया गया, और
  • 1983 में दोबारा जोड़ा गया।

इस दावे के समर्थन में वकील ने कहा कि गांधी का भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन भी अप्रैल 1983 का ही है। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या जाली दस्तावेजों के जरिए मतदाता सूची में नाम जुड़वाया गया? वकील के अनुसार, यह भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत संज्ञेय अपराध (Cognizable Offence) बनता है और एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए।

अब तक क्या हुआ कोर्ट में?
गुरुवार (4 सितंबर) को पहली सुनवाई में अदालत ने वकील की दलीलें सुनीं। कोर्ट ने कहा कि इस मामले पर 10 सितंबर 2025 को आगे विचार होगा। अब तक न तो सोनिया गांधी को और न ही दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया गया है। अदालत ने इस शिकायत को केवल “प्राथमिक स्तर” पर स्वीकार किया है और अभी यह तय नहीं हुआ है कि FIR दर्ज होगी या नहीं।

कानूनी नजरिया – गंभीर अपराध या राजनीतिक मामला?
भारतीय कानून के अनुसार, भारत का मतदाता बनने के लिए व्यक्ति का भारत का नागरिक होना अनिवार्य है। अगर शिकायतकर्ता के आरोप सही हैं और सोनिया गांधी का नाम 1980 में वोटर लिस्ट में दर्ज था, जबकि वह भारतीय नागरिक नहीं थीं, तो यह सीधे-सीधे Representation of the People Act, 1950 और भारतीय दंड संहिता के तहत कार्रवाई योग्य अपराध हो सकता है। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी दस्तावेजी साक्ष्य को सार्वजनिक नहीं किया गया है, न ही अदालत ने कोई आदेश जारी किया है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया – अब तक चुप्पी
इस मुद्दे पर अब तक कांग्रेस पार्टी या सोनिया गांधी की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। भाजपा और अन्य विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन मामला संवेदनशील और ऐतिहासिक दस्तावेजों से जुड़ा हुआ है, इसलिए इसे राजनीतिक दृष्टिकोण से भी देखा जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह शिकायत आगे बढ़ती है तो यह कांग्रेस पार्टी के लिए एक बड़ा सिरदर्द बन सकती है।

ऐतिहासिक संदर्भ – सोनिया गांधी की नागरिकता
सोनिया गांधी का जन्म 9 दिसंबर 1946 को इटली के लुसियाना गांव में हुआ था। उन्होंने 1968 में राजीव गांधी से विवाह किया और लंबे समय तक भारत में रहीं, लेकिन उन्होंने अप्रैल 1983 में भारतीय नागरिकता प्राप्त की। इस संदर्भ में शिकायतकर्ता का दावा है कि 1980 में भारत की वोटर लिस्ट में उनका नाम दर्ज होना संदेहास्पद है, क्योंकि उस समय वह भारत की नागरिक नहीं थीं।

मामले की गंभीरता – आगे की प्रक्रिया क्या होगी?
अगर अदालत इस शिकायत को प्रथम दृष्टया उचित मानती है तो वह दिल्ली पुलिस को FIR दर्ज करने का आदेश दे सकती है। इससे: पुलिस को जांच करनी होगी, दस्तावेजों की पुष्टि करनी होगी, चुनाव आयोग से रिकॉर्ड मंगवाने होंगे, और जरूरत पड़ने पर सोनिया गांधी से जवाब भी लिया जा सकता है। हालांकि यह सब कुछ अदालत की अगली सुनवाई और फैसले पर निर्भर करेगा।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *