ChatGPT में विज्ञापनों पर विवाद: Anthropic के विज्ञापनों पर बोले OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन

Vin News Network
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Anthropic के विज्ञापनों पर प्रतिक्रिया देते OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चैटबॉट्स के भविष्य को लेकर चल रही बहस के बीच OpenAI और उसके प्रतिद्वंद्वी Anthropic आमने-सामने आ गए हैं। ChatGPT में भविष्य में विज्ञापन लाने की OpenAI की योजना को लेकर जहां उपयोगकर्ताओं के एक वर्ग में गोपनीयता और अनुभव को लेकर चिंता है, वहीं Anthropic ने इस मुद्दे पर व्यंग्यात्मक विज्ञापनों की एक श्रृंखला जारी की है। इन विज्ञापनों में AI चैटबॉट्स के उपयोग के दौरान अचानक विज्ञापन और प्रोडक्ट प्लेसमेंट दिखाए जाने की कल्पना की गई है। इस पर OpenAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सैम ऑल्टमैन ने सार्वजनिक रूप से प्रतिक्रिया दी है।

Anthropic के विज्ञापन और विवाद
Anthropic द्वारा जारी किए गए विज्ञापनों में एक ऐसे भविष्य को दर्शाया गया है, जहां लोग AI चैटबॉट से बातचीत कर रहे होते हैं और अचानक उनकी बातचीत के बीच विज्ञापन या प्रोडक्ट प्रमोशन आ जाता है। इन विज्ञापनों को ChatGPT में संभावित विज्ञापन मॉडल पर तंज के तौर पर देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर इन विज्ञापनों को लेकर चर्चा तेज हो गई, जिसके बाद OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन ने इस पर अपनी बात रखी।

सैम ऑल्टमैन की प्रतिक्रिया
सैम ऑल्टमैन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विस्तृत पोस्ट में Anthropic के विज्ञापनों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा कि उन्हें ये विज्ञापन मजेदार लगे और उन्होंने इन्हें देखकर हंसी भी आई। हालांकि, इसके साथ ही उन्होंने इन विज्ञापनों के पीछे की मंशा पर सवाल उठाए। ऑल्टमैन ने कहा कि उन्हें लगता है कि ये विज्ञापन “बेईमान” तरीके से पेश किए गए हैं।

ऑल्टमैन ने अपने पोस्ट में स्पष्ट किया कि OpenAI कभी भी ऐसे विज्ञापन नहीं चलाएगा, जैसा Anthropic के विज्ञापनों में दिखाया गया है। उन्होंने लिखा, “विज्ञापनों को लेकर हमारा सबसे अहम सिद्धांत यह है कि हम ऐसा बिल्कुल नहीं करेंगे। हम इतने मूर्ख नहीं हैं और हमें पता है कि हमारे यूजर्स ऐसे अनुभव को स्वीकार नहीं करेंगे।”

ChatGPT में विज्ञापन और यूजर्स की चिंता
ChatGPT में विज्ञापन लाने की योजना को लेकर कई उपयोगकर्ताओं में चिंता है कि इससे AI चैटबॉट्स का अनुभव पारंपरिक इंटरनेट ब्राउज़िंग जैसा हो सकता है। वर्तमान में गूगल सर्च और अधिकांश वेबसाइट्स विज्ञापनों पर आधारित हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि AI टूल्स में भी विज्ञापनों की मौजूदगी इस तकनीक की मूल भावना को प्रभावित कर सकती है।

ऑल्टमैन ने यह संकेत दिया है कि विज्ञापन का स्वरूप उपयोगकर्ता अनुभव को नुकसान पहुंचाने वाला नहीं होगा। उनका कहना है कि विज्ञापनों को इस तरह से डिजाइन नहीं किया जाएगा कि वे बातचीत के बीच में बाधा बनें।

“अमीर बनाम मुफ्त” की बहस
इस विवाद के दौरान सैम ऑल्टमैन ने Anthropic के बिजनेस मॉडल और OpenAI के दृष्टिकोण की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि Anthropic मुख्य रूप से महंगे उत्पादों के जरिए सीमित और संपन्न उपयोगकर्ताओं को सेवा देता है, जबकि OpenAI का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक AI को मुफ्त या सुलभ रूप में पहुंचाना है।

ऑल्टमैन ने लिखा, “अमेरिका में जितने लोग मुफ्त में ChatGPT का इस्तेमाल करते हैं, उससे ज्यादा टेक्सस में लोग ChatGPT का उपयोग करते हैं, जबकि पूरे अमेरिका में Claude के कुल यूजर्स उससे कम हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि दोनों कंपनियों की समस्याएं और प्राथमिकताएं अलग-अलग हैं।

AI तक व्यापक पहुंच का तर्क
ऑल्टमैन ने अपने पोस्ट में कहा कि OpenAI भी प्रीमियम सेवाएं देता है, लेकिन उसका मुख्य उद्देश्य उन अरबों लोगों तक AI पहुंचाना है जो सब्सक्रिप्शन का खर्च नहीं उठा सकते। उन्होंने कहा, “Anthropic अमीर लोगों के लिए एक महंगा उत्पाद देता है। हम खुश हैं कि वे ऐसा करते हैं और हम भी ऐसा करते हैं, लेकिन हम मानते हैं कि AI को उन अरबों लोगों तक पहुंचाना जरूरी है जो सब्सक्रिप्शन नहीं ले सकते।”

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि जैसे गूगल विज्ञापनों के जरिए मुफ्त सेवाएं देता है, वैसे ही OpenAI भी विज्ञापनों के माध्यम से मुफ्त ChatGPT को संभव बनाए रख सकता है।

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
ऑल्टमैन के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। कुछ यूजर्स ने मुफ्त AI एक्सेस के तर्क का समर्थन किया, जबकि कुछ ने यह सवाल उठाया कि निवेशकों से जुटाए गए अरबों डॉलर के बाद विज्ञापनों की जरूरत क्यों है। हालांकि, OpenAI की ओर से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि ChatGPT में विज्ञापन कब और किस रूप में लाए जाएंगे।

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