Kanya Sumangala Yojana : क्या है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना? यहां जानिए पूरी डिटेल

महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए आवेदन करने की ऑनलाइन सुविधा है।

Vin News Network
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Kanya Sumangala Yojana : क्या है मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना? यहां जानिए पूरी डिटेल

लखनऊ: बेटियों के लिए मिशन शक्ति, सुरक्षा से लेकर कई लाभकारी योजनाएं उत्तर प्रदेश सरकार चला रही है। इनमें से ही एक मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना है। जिला प्रोबेशन विभाग के माध्यम से कन्या सुमंगला योजना के तहत लाभ मिलता है। इससे बेटियों के सपने साकार होंगे और समाज को नई दिशा मिलेगी। महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के लिए आवेदन करने की ऑनलाइन सुविधा है। आवेदक mksy.up.gov.in पर जाकर अलग-अलग चरण में आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके बाद जांच कराकर लाभ दिया जाता है।

छह श्रेणियों में मिलता लाभ प्रथम श्रेणी
प्रथम श्रेणी:
कन्या के जन्म के बाद 5000 रुपये एकमुश्त। जन्म एक अप्रैल, 2019 या उसके बाद हुआ हो।
द्वितीय श्रेणी: जिन कन्याओं का एक वर्ष के भीतर संपूर्ण टीकाकरण हो चुका हो। 2000 रुपये मिलेंगे। उनका जनम एक अप्रैल, 2018 से पहले न हुआ हो।
तृतीय श्रेणी: चालू शैक्षणिक सत्र के दौरान प्रथम कक्षा में प्रवेश लेने वाली बेटियों को 3000 रुपये एकमुश्त।
चतुर्थ श्रेणी: चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा छह में प्रवेश लेने वाली बेटियों को 3000 रुपये एकमुश्त।
पंचम श्रेणी: वे बेटियां, जिन्होंने चालू शैक्षणिक सत्र में कक्षा नौ में प्रवेश लिया हो, उन्हें 5000 रुपये एकमुश्त।
षष्टम श्रेणी: वे सभी बेटियां योजना का लाभ पा सकती हैं, जिन्होंने हाईस्कूल व इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण कर चालू शैक्षणिक सत्र में स्नातक-डिग्री या कम से कम दो वर्षीय डिप्लोमा में प्रवेश लिया हो, 7000 रुपये एकमुश्त मिलेंगे।

ये है पात्रता
लाभार्थी परिवार उत्तर प्रदेश का निवासी हो, स्थायी निवास प्रमाण पत्र के रूप में राशन कार्ड, आधार कार्ड, वोटर पहचान पत्र, विद्युत या टेलीफोन का बिल हो।
लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय अधिकतम तीन लाख रुपये हो।
किसी परिवार की अधिकतम दो ही बेटियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।
परिवार में अधिकतम दो बच्चे हों।
किसी महिला को द्वितीय प्रसव से जुड़वां बच्चे होने पर तीसरी संतान के रूप में बेटी को भी लाभ मिलेगा। किसी महिला को पहले प्रसव से बालिका है व द्वितीय प्रसव से जो जुड़वां बेटियां ही होती हैं तो केवल ऐसी अवस्था में तीनों बेटियों को लाभ दिया जाएगा।
किसी परिवार ने अनाथ बालिका को गोद लिया हो, तो परिवार की जैविक संतानों व विधिक रूप से गोद ली गई संतानों को सम्मिलित करते हुए अधिकतम दो बेटियों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।

पंजीयन के लिए क्या चाहिए?
बैंक खाता संख्या व पासबुक की स्कैन कॉपी (माता-पिता, अभिभावक या स्वयं की)
मृत्यु प्रमाण पत्र (पिता या माता के जीवित न होने की स्थिति में)
गोद ली गई बालिका के लिए गोद लेने का प्रमाण पत्र।

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