विन न्यूज़ नेटवर्क। संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत के साथ राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) द्वारा आयोजित ‘चलो संसद’ मार्च के दौरान जंतर-मंतर पर हालात तनावपूर्ण हो गए। प्रदर्शनकारियों को संसद की ओर बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग की थी, जिसे पार करने की कोशिश के दौरान झड़प हुई। इसके बाद पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया, जिसमें कई प्रदर्शनकारियों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कुछ लोगों के सिर पर भी चोटें आईं।
बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े प्रदर्शनकारी
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से संसद की ओर बढ़ रहे थे। कई लोगों ने पुलिस की बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया और कुछ प्रदर्शनकारी पार्लियामेंट स्ट्रीट थाना क्षेत्र तक पहुंच गए। पुलिस लगातार अलग-अलग स्थानों पर बैरिकेड लगाकर भीड़ को रोकने का प्रयास करती रही।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके का बयान
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि उनका आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण है और किसी भी हाल में संसद तक अपनी बात पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन को रोकने की कोशिश की जा रही है, जबकि उनका उद्देश्य छात्रों और युवाओं की समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से उठाना है।

सोनम वांगचुक ने रखीं तीन प्रमुख शर्तें
इस आंदोलन के समानांतर पिछले कई दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने भी अपनी तीन प्रमुख मांगें दोहराईं। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक मामलों की जिम्मेदारी स्वीकार करे, CJP के प्रतिनिधिमंडल को सांसदों से मिलने दिया जाए और यदि स्वास्थ्य कारणों से यह संभव नहीं हो तो सांसद अस्पताल पहुंचकर छात्रों की मांगों पर चर्चा का आश्वासन दें।
नीट पेपर लीक और बेरोजगारी बना आंदोलन का बड़ा मुद्दा
CJP का यह आंदोलन मुख्य रूप से नीट (NEET) पेपर लीक, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और देश में बढ़ती बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्रित है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा प्रणाली में लगातार गड़बड़ियां युवाओं के भविष्य को प्रभावित कर रही हैं। इसके साथ ही सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया में देरी और पारदर्शिता की कमी को लेकर भी संगठन सरकार से जवाब मांग रहा है।
देशभर से पहुंचे छात्र और अभ्यर्थी
संसद मार्च के समर्थन में विभिन्न राज्यों से छात्र, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे अभ्यर्थी और उनके अभिभावक दिल्ली पहुंचे। 19 जुलाई की शाम से ही जंतर-मंतर पर लोगों का जुटना शुरू हो गया था। सोमवार सुबह तक वहां बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी मौजूद थे, जिससे पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई।

राजधानी में थ्री-लेयर सुरक्षा व्यवस्था
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर, पार्लियामेंट स्ट्रीट, सेंट्रल विस्टा, कनॉट प्लेस और आसपास के संवेदनशील इलाकों में तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और रैपिड रिस्पॉन्स टीमों को तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
धारा-163 लागू, पुलिस ने जारी की चेतावनी
नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा-163 लागू की गई है। इसके तहत बिना अनुमति पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने, जुलूस निकालने या विरोध प्रदर्शन करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि संसद मार्च के लिए किसी प्रकार की अनुमति नहीं दी गई थी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
CJP की प्रमुख मांगें
- नीट सहित प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक और अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच।
- परीक्षा विवादों की जिम्मेदारी तय करते हुए जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग।
- सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया तेज करने और बढ़ती बेरोजगारी पर ठोस कदम उठाने की मांग।
स्थिति पर बनी हुई है नजर
फिलहाल दिल्ली पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है। संसद के मॉनसून सत्र के दौरान सुरक्षा एजेंसियां लगातार हालात की समीक्षा कर रही हैं। प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव के बाद राजधानी के संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त बल तैनात रखा गया है।