केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार को संसद में वर्ष 2026 का केंद्रीय बजट पेश किया। यह उनका वित्त मंत्री के रूप में लगातार नौवां बजट है। बजट भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि सरकार ने “भाषणबाजी के बजाय सुधारों और असमंजस के बजाय ठोस कदम” को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि भारत की आर्थिक प्रगति स्थिरता, विकास और नियंत्रित मुद्रास्फीति से परिभाषित होती है।
वित्त मंत्री ने कहा, “हमने दूरगामी संरचनात्मक सुधार किए हैं। सरकार ने निर्णायक रूप से सुधारों को चुना है। इन कदमों के परिणामस्वरूप देश की विकास दर लगभग 7 प्रतिशत रही है।” बजट लोकसभा में सुबह 11 बजे प्रस्तुत किया गया।
‘युवा शक्ति’ पर आधारित बजट
निर्मला सीतारमण ने बजट को “युवा शक्ति प्रेरित” बताया। उन्होंने कहा कि बजट का फोकस गरीब, वंचित और पिछड़े वर्गों पर है। वित्त मंत्री ने कहा, “लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना हमारा दायित्व है। इसके लिए तीन-स्तरीय दृष्टिकोण को सहयोगी इकोसिस्टम की आवश्यकता है।”
वस्त्र और हस्तशिल्प क्षेत्र पर ध्यान
वित्त मंत्री ने वस्त्र क्षेत्र के विस्तार और रोजगार सृजन के लिए एक नई योजना का संकेत दिया। उन्होंने टेक्सटाइल क्लस्टरों के आधुनिकीकरण, चुनौती मोड में मेगा टेक्सटाइल पार्क स्थापित करने और खादी एवं हस्तशिल्प को समर्थन देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम समाज पहल शुरू करने का प्रस्ताव रखा। इसके अलावा, आत्मनिर्भरता के उद्देश्य से राष्ट्रीय फाइबर योजना की घोषणा की गई।
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
बजट में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को विशेष प्राथमिकता दी गई। वित्त मंत्री ने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की घोषणा करते हुए इसके लिए उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्रों पर जोर दिया। उन्होंने इस मिशन के लिए आवंटन बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु जैसे खनिज-समृद्ध राज्यों को समर्थन देने की बात कही।
जलमार्ग और लॉजिस्टिक्स
वित्त मंत्री ने जलमार्गों के विकास के लिए युवाओं को प्रशिक्षित करने हेतु विशेष प्रशिक्षण संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने ओडिशा के खनिज क्षेत्रों को जलमार्ग से जोड़ने और अगले पांच वर्षों में 20 नए जलमार्गों को चालू करने की घोषणा की।
चिकित्सा अवसंरचना और मेडिकल टूरिज्म
बजट में आयुष फार्मेसियों और ड्रग टेस्टिंग लैब्स के उन्नयन की घोषणा की गई। वित्त मंत्री ने निजी क्षेत्र के सहयोग से पांच मेडिकल टूरिज्म क्षेत्रीय हब स्थापित करने की बात कही। उन्होंने बताया कि इन हब्स में आयुष केंद्र होंगे और आने वाले वर्षों में 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षित किया जाएगा।
एमएसएमई सेक्टर को मजबूती
बजट में एमएसएमई क्षेत्र को सशक्त बनाने पर विशेष जोर दिया गया। सरकार ने वित्तीय दबाव और पुरानी तकनीक से प्रभावित 200 पारंपरिक औद्योगिक क्लस्टरों के पुनरुद्धार की योजना बनाई है। इसके अलावा, 10,000 करोड़ रुपये का एसएमई ग्रोथ फंड शुरू करने और सूक्ष्म उद्यमों के लिए आत्मनिर्भर भारत फंड में अतिरिक्त 2,000 करोड़ रुपये डालने की घोषणा की गई।
बिजली और वित्तीय संस्थानों का पुनर्गठन
वित्त मंत्री ने 1,000 करोड़ रुपये से अधिक के सिंगल बॉन्ड इश्यू पर नगर निगमों को 100 करोड़ रुपये के प्रोत्साहन का प्रस्ताव रखा। साथ ही, आरईसी लिमिटेड और पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन के पुनर्गठन की घोषणा की गई। उन्होंने ‘विकसित भारत के लिए बैंकिंग’ विषय पर एक उच्चस्तरीय समिति गठित करने की भी बात कही।
रेल और कनेक्टिविटी का विस्तार
बजट में सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर विकसित करने की घोषणा की गई। ये कॉरिडोर मुंबई–पुणे, हैदराबाद–पुणे, हैदराबाद–बेंगलुरु, हैदराबाद–चेन्नई, चेन्नई–बेंगलुरु, दिल्ली–वाराणसी और वाराणसी–सिलीगुड़ी को जोड़ेंगे। इसके अलावा, दानकुनी से सूरत तक एक नया ईस्ट-वेस्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर विकसित किया जाएगा।
सरकार के अनुसार, केंद्रीय बजट 2026 का उद्देश्य आर्थिक विकास को गति देना, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और विभिन्न क्षेत्रों में सुधारों के माध्यम से दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करना है।