Budget 2026 में पहली बार घर खरीदने वालों और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी उम्मीदें हैं। बढ़ती ब्याज दरें और महंगे घरों की कीमतों ने सामान्य परिवारों के लिए घर खरीदना मुश्किल बना दिया है। ऐसे में बजट 2026 से हाउसिंग सेक्टर और खरीदारों को कई नई राहतें मिलने की संभावना है। रियल एस्टेट एक्सपर्ट प्रदीप मिश्रा ने इस बजट में संभावित 5 प्रमुख राहतों के बारे में बताया है।
- होम लोन ब्याज पर टैक्स छूट में बढ़ोतरी (Section 24b)
फिलहाल होम लोन के ब्याज पर आयकर की धारा 24(b) के तहत अधिकतम ₹2 लाख की छूट मिलती है। घरों की बढ़ती कीमतों को देखते हुए एक्सपर्ट्स मांग कर रहे हैं कि इसे ₹4–5 लाख तक बढ़ाया जाए। इससे मध्यम वर्ग के खरीदारों की डिस्पोजेबल इनकम बढ़ेगी और वे बड़े लोन लेने में सक्षम होंगे।
- अफोर्डेबल हाउसिंग की नई परिभाषा
अभी ₹45 लाख तक के घर को ‘अफोर्डेबल’ माना जाता है। लेकिन मेट्रो शहरों जैसे दिल्ली-एनसीआर और मुंबई में इतनी कीमत में घर मिलना मुश्किल है। इसलिए बजट 2026 में इस सीमा को ₹75 लाख से ₹1 करोड़ तक बढ़ाने की उम्मीद है। इससे अधिक घर अफोर्डेबल श्रेणी में आएंगे और खरीदारों को सरकारी सब्सिडी और कम ब्याज दर का लाभ मिलेगा।
- हाउसिंग सब्सिडी (PMAY/CLSS) की वापसी
क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) पहले लाखों लोगों को घर दिलाने में मदद कर चुकी है। बजट 2026 में इसे पहली बार घर खरीदने वालों और मिड-इनकम ग्रुप (MIG) के लिए फिर से शुरू या विस्तारित करने की संभावना है। सब्सिडी मिलने से मासिक EMI का बोझ कम होगा और घर खरीदना और भी आसान हो जाएगा।
- GST सुधार और इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC)
वर्तमान में निर्माणाधीन घरों पर GST खरीदारों के लिए अतिरिक्त बोझ बनता है। बजट में GST दरों को तर्कसंगत बनाने और ITC को बहाल करने की उम्मीद है। अगर बिल्डरों को ITC का लाभ मिलता है, तो वे घरों की कीमतें कम कर सकते हैं, जिसका सीधा फायदा खरीदारों को होगा।
- अटके हुए प्रोजेक्ट्स के लिए SWAMIH फंड का विस्तार
देशभर में कई खरीदार ऐसे हैं जिनका पैसा अटके हुए प्रोजेक्ट्स में फंसा हुआ है। बजट 2026 में SWAMIH Fund (Special Window for Affordable and Mid-Income Housing) का विस्तार होने की संभावना है। इससे रुके हुए प्रोजेक्ट्स को फंडिंग मिलेगी और लाखों खरीदार अपने फ्लैट्स का पजेशन प्राप्त कर सकेंगे।
एक्सपर्ट की राय: क्यों है यह ‘Make-or-Break’ बजट?
प्रदीप मिश्रा के अनुसार, वर्तमान में लग्जरी हाउसिंग बढ़ रही है लेकिन अफोर्डेबल सेगमेंट कमजोर है। अगर इस बजट में ठोस नीतिगत बदलाव नहीं हुए, तो आम आदमी और घर के बीच की खाई बढ़ जाएगी।
वो बताते हैं कि सिंगल-विंडो क्लीयरेंस, इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स राहत सभी जरूरी हैं ताकि मध्यम वर्ग घर खरीद सके। इस बजट में इन कदमों से घर खरीदारों और रियल एस्टेट सेक्टर दोनों को राहत मिलेगी।
Budget 2026 में होम लोन टैक्स छूट, अफोर्डेबल हाउसिंग की नई सीमा, CLSS सब्सिडी, GST सुधार और SWAMIH फंड विस्तार जैसी 5 बड़ी राहतें पहली बार घर खरीदने वालों के लिए उम्मीद की किरण साबित हो सकती हैं। यदि ये उपाय लागू हुए, तो मध्यम वर्ग के लिए अपना घर खरीदना पहले से कहीं अधिक आसान और किफायती हो जाएगा।