लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर आयोजित बैठक में धर्मार्थ कार्य विभाग के कार्यों की समीक्षा की एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने कहा, बौद्ध श्रद्धालुओं की विशिष्ट तीर्थ यात्राओं हेतु ‘बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना’ और सिख श्रद्धालुओं के लिए ‘पंच तख्त यात्रा योजना’ प्रारम्भ की जाए। इन योजनाओं के माध्यम से श्रद्धालुओं को आर्थिक सहयोग प्रदान किया जाएगा, जिससे वे अपनी आस्था के प्रमुख तीर्थस्थलों की यात्रा सुलभता से कर सकें। ‘बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना’ का उद्देश्य प्रदेश के निवासी हिन्दू/बौद्ध श्रद्धालुओं को देश के विभिन्न भागों में स्थित बौद्ध तीर्थ स्थलों की यात्रा की साध पूरी कराना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लाभार्थियों के चयन में बौद्ध भिक्षुओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
‘पंच तख्त यात्रा योजना’ सिख श्रद्धालुओं के लिए आयोजित की जाएगी। इसके अंतर्गत प्रदेश के निवासी सिख श्रद्धालुओं को भारत के पांच पवित्र ‘तख्त साहिब’ स्थलों की यात्रा कराई जाएगी। सिख पंथ के लिए पवित्र पंच तख्त स्थलों में श्री आनंदपुर साहिब, पंजाब, श्री अकाल तख्त साहिब, अमृतसर, श्री दमदमा साहिब, तलवंडी साबो, पंजाब, श्री तख्त सचखंड श्री हजूर साहिब, नांदेड़, महाराष्ट्र, श्री हरमंदिर जी साहिब (पटना साहिब), बिहार सम्मिलित हैं।
‘बौद्ध तीर्थ दर्शन योजना’ और ‘पंच तख्त यात्रा योजना’ के लिए आवेदन की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी जाए। श्रद्धालुओं के चयन में पूरी पारदर्शिता के साथ कमजोर आय वर्ग के लोगों को वरीयता दी जाए, दोनो ही योजनाएं आई.आर.सी.टी.सी. के सहयोग से संचालित की जाएंगी। प्रति व्यक्ति न्यूनतम ₹10,000 की राशि अनुदान के रूप में प्रदान की जाएगी।