उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। इसी क्रम में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने लखनऊ में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के सहयोगी दलों के प्रमुख नेताओं के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में आगामी विधानसभा चुनाव की रणनीति, संगठन को मजबूत करने और गठबंधन को और प्रभावी बनाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
2027 में बड़ी जीत का जताया भरोसा
बैठक के बाद नितिन नवीन ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि एनडीए की सभी सहयोगी पार्टियों ने उत्तर प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व तथा सेवा भाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2027 में एनडीए पहले से भी बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाएगा।
बैठक में शामिल हुए सहयोगी दलों के प्रमुख नेता
इस अहम बैठक में राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) के राष्ट्रीय महासचिव त्रिलोक त्यागी, निषाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय निषाद, सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और अपना दल (एस) के नेता आशीष पटेल समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। सभी नेताओं ने आगामी चुनाव को लेकर अपने-अपने सुझाव साझा किए।
संगठन मजबूत करने पर रहा जोर
बैठक के बाद निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने कहा कि संगठन को और मजबूत बनाने तथा चुनावी जीत सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। वहीं ओम प्रकाश राजभर ने दावा किया कि वर्ष 2027 में एनडीए को 2017 से भी बड़ी जीत मिलेगी। उन्होंने अपनी पार्टी के संगठन विस्तार, बूथ स्तर पर मजबूती और राजनीतिक लक्ष्यों का भी उल्लेख किया।
सामाजिक समीकरणों पर भी हुई चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में उत्तर प्रदेश के विभिन्न सामाजिक वर्गों और वोट बैंक को लेकर भी विस्तार से मंथन किया गया। विशेष रूप से गोंड, खरवार, प्रजापति और पाल समाज के बीच संगठन और जनसंपर्क को मजबूत करने की रणनीति पर विचार हुआ। माना जा रहा है कि इन वर्गों तक प्रभावी पहुंच बनाने के लिए एनडीए संयुक्त रूप से अभियान चलाएगा।
एकजुटता का दिया संदेश
नितिन नवीन ने सभी सहयोगी दलों को साथ लेकर आगे बढ़ने का भरोसा दिलाया और गठबंधन की मजबूती पर जोर दिया। इससे पहले भी वह पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्षों और वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक कर संगठन को मजबूत करने की दिशा में मंथन कर चुके हैं। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक मिशन 2027 की तैयारियों के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जिसमें एनडीए ने एकजुट होकर चुनावी मैदान में उतरने का स्पष्ट संकेत दिया।