विन न्यूज़ नेटवर्क। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की बांसडीह विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की विधायक केतकी सिंह एक बार फिर अपने सख्त तेवरों को लेकर चर्चा में हैं। इस बार उन्होंने क्षेत्र में बिजली आपूर्ति से जुड़ी शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए देर रात खुद बिजली उपकेंद्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मिली अव्यवस्थाओं पर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई। उन्होंने कहा- ‘तुमको यहां काम करने के लिए रखा गया है कि पीकर सोने के लिए। जब तुम इतना पीकर बैठोगे तो काम कैसे करोगे। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
शिकायत मिलते ही देर रात पहुंचीं बिजली उपकेंद्र
शुक्रवार रात करीब 11 बजे विधायक केतकी सिंह सबसे पहले सुखपुरा और उसके बाद रेवती बिजली उपकेंद्र पहुंचीं। बताया जा रहा है कि वह क्षेत्र के दौरे पर थीं, तभी स्थानीय लोगों ने उन्हें लगातार हो रही बिजली कटौती और अधिकारियों की लापरवाही की शिकायत की।
शिकायत सुनने के बाद विधायक ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेने का फैसला किया। उपकेंद्र पहुंचने पर उन्होंने बिजली आपूर्ति से जुड़े रिकॉर्ड, कर्मचारियों की मौजूदगी और व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान कई खामियां सामने आने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
सरकार बिजली दे रही है, लेकिन जनता तक नहीं पहुंच रही
निरीक्षण के दौरान विधायक ने कहा कि प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में निर्धारित समय के अनुसार बिजली उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है, लेकिन विभागीय स्तर पर लापरवाही के कारण उपभोक्ताओं को इसका पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों को लगातार बिजली संकट का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में बिजली विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। यदि अधिकारी और कर्मचारी समय पर अपनी ड्यूटी नहीं निभाएंगे तो आम जनता को परेशानी उठानी पड़ेगी।
डीएम को फोन कर बताई पूरी स्थिति
निरीक्षण के दौरान विधायक ने मौके से ही जिला अधिकारी (डीएम) को फोन कर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने बिजली की खराब व्यवस्था की शिकायत की है।
विधायक ने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं संबंधित जूनियर इंजीनियर (JE) से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं की गई। उनका आरोप था कि कई जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल भी बंद मिले, जिससे लोगों की शिकायतों का समाधान नहीं हो पा रहा।
उन्होंने डीएम से कहा कि यदि अधिकारी ही उपलब्ध नहीं रहेंगे तो आम नागरिक अपनी समस्या किसके सामने रखें।
कर्मचारी की हालत देखकर जताई नाराजगी
बिजली उपकेंद्र के निरीक्षण के दौरान एक कर्मचारी की कार्यशैली को लेकर भी विधायक ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने आरोप लगाया कि संबंधित कर्मचारी नशे की हालत में ड्यूटी कर रहा था।
विधायक ने कर्मचारी को फटकार लगाते हुए कहा कि सरकारी सेवा में रहते हुए इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को जनता की सुविधा के लिए नियुक्त किया गया है, उनसे जिम्मेदारी और अनुशासन की अपेक्षा की जाती है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से शेयर किया जा रहा है। वीडियो में विधायक अधिकारियों से जवाब मांगती और बिजली व्यवस्था में सुधार के निर्देश देती दिखाई दे रही हैं। वहीं, डीएम से फोन पर बातचीत का हिस्सा भी वायरल हो रहा है।
वीडियो सामने आने के बाद इसे लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग विधायक की सक्रियता की सराहना कर रहे हैं, जबकि कुछ लोग बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं।
बिजली व्यवस्था सुधारने की मांग
क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ समय से बिजली की आवाजाही की समस्या बनी हुई है। उमस और गर्मी के मौसम में लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ छोटे कारोबारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय नागरिकों ने उम्मीद जताई है कि विधायक के निरीक्षण के बाद विभाग स्थिति में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएगा और बिजली आपूर्ति पहले से बेहतर होगी।