विन न्यूज़ नेटवर्क। बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा फैसला लेते हुए अपना उम्मीदवार बदल दिया है। पहले घोषित प्रत्याशी अभिषेक कुमार सिन्हा ने नामांकन वापस ले लिया है। इसके बाद पार्टी ने नीरज कुमार सिन्हा को नया उम्मीदवार घोषित किया। अभिषेक कुमार सिन्हा ने गुरुवार को ही नामांकन दाखिल किया था, लेकिन अगले ही दिन उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने की घोषणा कर दी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई निर्धारित की गई है।
पारिवारिक कारण बताया गया
बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभिषेक कुमार सिन्हा ने कहा कि वे पारिवारिक कारणों से चुनाव नहीं लड़ेंगे। पार्टी नेतृत्व ने उनके निर्णय को स्वीकार करते हुए नीरज कुमार सिन्हा के नाम की घोषणा कर दी। हालांकि, विपक्षी दलों ने इस कारण पर सवाल उठाए हैं और इसे राजनीतिक दबाव का परिणाम बताया है।
आरजेडी ने कहा- कार्यकर्ता की बलि चढ़ाई गई
राष्ट्रीय जनता दल के मुख्य प्रवक्ता शक्ति यादव ने बीजेपी पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पार्टी ने अपने ही कार्यकर्ता की बलि चढ़ा दी है। शक्ति यादव के मुताबिक, आरजेडी उम्मीदवार रेखा गुप्ता की मजबूत पकड़ को देखकर बीजेपी घबरा गई और इसलिए उम्मीदवार बदलने का फैसला लिया गया। उन्होंने दावा किया कि इस निर्णय से बीजेपी कार्यकर्ताओं में नाराजगी है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
बिहार कांग्रेस के प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने भी बीजेपी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि नामांकन के एक दिन बाद ही प्रत्याशी से नाम वापस लेने की घोषणा करवाना कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि पारिवारिक कारण ही वजह थे तो यह बात नामांकन से पहले भी पता होनी चाहिए थी। कांग्रेस ने इसे बीजेपी के अंदरूनी असंतोष का संकेत बताया।
जन सुराज ने भी किया हमला
प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज ने भी इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी। पार्टी नेताओं ने कहा कि बीजेपी जन सुराज के बढ़ते प्रभाव से चिंतित है और इसी कारण उम्मीदवार बदलने का फैसला लिया गया। जन सुराज का दावा है कि बांकीपुर में मुकाबला पहले की तुलना में अधिक रोचक हो गया है और जनता बदलाव चाहती है।
क्यों हो रहा है उपचुनाव?
बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव इसलिए कराया जा रहा है क्योंकि बीजेपी के वरिष्ठ नेता नितिन नवीन के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद यह सीट खाली हो गई थी। इस सीट को बीजेपी लंबे समय से अपना मजबूत गढ़ मानती रही है, इसलिए उम्मीदवार बदलने के फैसले को राजनीतिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
13 जुलाई तक दाखिल होंगे नामांकन
चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार बांकीपुर उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 13 जुलाई है। राजनीतिक दल अब अंतिम समय तक अपनी रणनीति को मजबूत करने में जुटे हुए हैं। बीजेपी के नए उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा के मैदान में उतरने के बाद मुकाबला और दिलचस्प हो गया है। वहीं विपक्षी दल इस बदलाव को मुद्दा बनाकर बीजेपी को घेरने की कोशिश कर रहे हैं।
चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल
उम्मीदवार बदलने के फैसले ने बिहार की राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। एक ओर बीजेपी इसे सामान्य राजनीतिक प्रक्रिया बता रही है, वहीं विपक्ष इसे पार्टी की कमजोरी और अंदरूनी दबाव का नतीजा बता रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि बांकीपुर उपचुनाव में नया उम्मीदवार बीजेपी को कितना फायदा पहुंचा पाता है और विपक्ष इस मुद्दे को चुनावी प्रचार में किस तरह इस्तेमाल करता है।