विन न्यूज़ नेटवर्क। बिहार की राजनीति में एक बड़ा सियासी उलटफेर करते हुए जन सुराज पार्टी (JSP) के संस्थापक प्रशांत किशोर ने पटना की चर्चित बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल की है।
प्रशांत किशोर ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा को 19,324 वोटों से पराजित कर भारतीय जनता पार्टी के इस मजबूत गढ़ में पहली बार सेंध लगाई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) की उम्मीदवार रेखा कुमारी गुप्ता काफी पीछे रहते हुए तीसरे स्थान पर रहीं।
भाजपा के गढ़ का पतन
1995 (पटना पश्चिम के समय) से बांकीपुर सीट पर भाजपा का दबदबा था, जिसे जन सुराज ने समाप्त कर दिया। 2025 के विधानसभा चुनाव में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद यह प्रशांत किशोर की पहली व्यक्तिगत व पार्टी की चुनावी सफलता है। बांकीपुर विधानसभा सीट 2008 के परिसीमन के बाद से ही भारतीय जनता पार्टी का अभेद्य किला मानी जाती रही है।
इस सीट से 2010 से 2025 तक लगातार चार बार भाजपा के तत्कालीन नेता और वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन प्रतिनिधित्व करते रहे हैं। अप्रैल 2026 में नितिन नवीन के राज्यसभा के लिए चुने जाने के बाद यह सीट रिक्त हुई थी। 15 अप्रैल को जनता दल (यूनाइटेड) के नीतीश कुमार के स्थान पर भाजपा के सम्राट चौधरी के बिहार के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य में यह पहला उपचुनाव था।
इस चुनावी परिणाम का रणनीतिक महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि जन सुराज पार्टी के लिए अक्टूबर-नवंबर 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव बेहद निराशाजनक रहा था, जहाँ पार्टी के 238 में से 236 उम्मीदवारों की ज़मानत ज़ब्त हो गई थी। बांकीपुर में मिली यह बड़ी जीत प्रशांत किशोर के राजनीतिक करियर और उनकी पार्टी के भविष्य को नया जीवन प्रदान कर सकती है।
जीत के बाद प्रशांत किशोर का बयान
अपनी जीत दर्ज करने के बाद प्रशांत किशोर ने कहा कि, बांकीपुर के मतदाताओं का यह फैसला स्थापित राजनीतिक दलों के खिलाफ बदलाव की जनभावना को दर्शाता है।
यह चुनाव केवल एक विधायक चुनने का नहीं था, बल्कि बिहार की जनता द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को यह सीधा संदेश था कि उन्हें मुख्यमंत्री पद पर किसी बेदाग और काबिल चेहरे को बिठाना चाहिए। बिहार के लोग अब शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे वास्तविक मुद्दों पर काम करने वाली सरकार चाहते हैं।