नीतीश कुमार सरकार ने मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को बिहार विधानसभा में 3.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। बजट पेश होने के बाद राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य ने इस पर प्रतिक्रिया दी है।
रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि राज्य के बजट का बड़ा हिस्सा खर्च ही नहीं हो पाता है। उन्होंने लिखा कि आर्थिक विकास के साथ-साथ मानव विकास और जीवन स्तर के सूचकों का मूल्यांकन बिहार की सबसे बड़ी जरूरत है, लेकिन प्रस्तुत बजट इस पर मौन है।
उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार विकास के दावे करती है, लेकिन यदि लोगों को बुनियादी सेवाएं नहीं मिलीं और पलायन जारी रहा तो ऐसे दावे टिक नहीं पाएंगे।
रोहिणी आचार्य ने कहा कि प्रति व्यक्ति आय के मामले में बिहार देश के सबसे पिछड़े राज्यों में शामिल है। उन्होंने आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों में बिहार की विकास दर में गिरावट दर्ज की गई है।
उन्होंने दावा किया कि पिछले 10 वर्षों में बिहार से 250 कारखाने दूसरे राज्यों में शिफ्ट हो गए। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य के बजट और योजनाओं के आकार में बड़ा अंतर होता है।
अपने बयान में उन्होंने सीएजी की रिपोर्ट का भी जिक्र किया और कहा कि 72 हजार करोड़ रुपये के मामलों से राज्य की वित्तीय स्थिति पर सवाल उठते हैं।