अयोध्या : उत्तर प्रदेश के अयोध्या में प्रसाद बेचने को लेकर हनुमानगढ़ी मंदिर प्रशासन ने एक नया आदेश जारी किया है। इसके तहत 01 जलाई 2025 से प्रसाद बेचने वाले विक्रेताओं को डब्बे पर अपना नाम और फोन नंबर लिखना अनिवार्य होगा। डब्बे वाले प्रसाद को ही मंदिर चढ़ाया जा सकेगा।
पहले से ही बजरंगबली को सिर्फ देसी घी के लड्डू चढ़ाए जा रहे हैं। इसके बावजूद कुछ प्रसाद में मिलावटी होने की शिकायत मिल रही थी। अब लड्डू बेचने वाले के खिलाफ कार्रवाई होगी। लड्डू विक्रेताओं और हनुमान गढ़ी के संतों के बीच बैठक कर इसके लिए समिति बनाई गई है।
अयोध्या में सावन मेला, 10 जुलाई से लग रहा है सावन माह में लाखों कांवरिया और भक्त और झूलनोत्सव पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। 12 दिनों तक यह उत्सव रहता है। अयोध्या के एक हजार मंदिरों में भीड़ होती है जबकि 100 मंदिरों में यह पर्व बेहद भव्यता से मनाया जाता है। हनुमानगढ़ी के इस आदेश के बाद अयोध्या हनुमानगढ़ी के निकट लड्डू का व्यापार करने वाले व्यापारियों ने सराहा है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष संकट मोचन सेना के अध्यक्ष और धर्म सम्राट महंत ज्ञानदास के उत्तराधिकारी महंत संजय दास ने कहा कि प्रसाद में मिलावट की शिकायत कई बार अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं ने महंतो से की थी। जिसको लेकर संत समाज और व्यापारियों की बैठक में ये निर्णय लिया गया है।
इसके बाद आज से लड्डू प्रसाद में मिलावट खोरी को बंद करने के लिए सभी दुकानदारों को ये निर्देश दिया गया है कि वो प्रसाद के डिब्बे पर अपना और अपनी दुकान का नाम और फोन नंबर लिखे यह आदेश आज 1 जुलाई की सुबह से ही लागू किया गया है।