ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम में पीएम मोदी ने गिनाई भारत की उपलब्धियां, बोले- भारत ने दुनिया को दिए सस्ते इलाज और प्रतिभा के अवसर, कभी नहीं मांगी रॉयल्टी !

Vin News Network
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Bloomberg New Economy Forum: पीएम मोदी ने बताया भारत का विजन, गरीबी उन्मूलन से डिजिटल क्रांति तक गिनाईं उपलब्धियां

विन न्यूज़ नेटवर्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि भारत की पहचान केवल अपनी आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया को आगे बढ़ने के अवसर देने में भी है। सस्ती दवाओं, प्रतिभा और तकनीकी क्षमताओं से लेकर डिजिटल समाधानों तक, भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि भारत ने दुनिया को शून्य जैसी महत्वपूर्ण गणितीय अवधारणा दी, लेकिन इसके बदले कभी श्रेय या रॉयल्टी की मांग नहीं की।

प्रधानमंत्री राजधानी दिल्ली में पहली बार आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम को संबोधित कर रहे थे। अपने करीब 25 मिनट के भाषण में उन्होंने भारत की विकास यात्रा, आर्थिक सुधारों, डिजिटल तकनीक, कोविड-19 के दौरान वैक्सीन की आपूर्ति और बदलती वैश्विक परिस्थितियों पर अपने विचार रखे। उन्होंने जोर दिया कि ज्ञान, धन और शक्ति का वास्तविक महत्व इस बात में है कि उनका इस्तेमाल मानवता के कल्याण और दूसरों को सशक्त बनाने के लिए किस तरह किया जाता है।

कोविड के दौरान 100 से अधिक देशों तक पहुंचाई वैक्सीन

प्रधानमंत्री ने कोविड-19 महामारी के दौरान भारत की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि देश ने 100 से अधिक देशों तक वैक्सीन पहुंचाई। उनके अनुसार, भारत अपनी क्षमताओं का उपयोग केवल घरेलू जरूरतों के लिए नहीं, बल्कि व्यापक वैश्विक हितों को ध्यान में रखकर करना चाहता है। सस्ती दवाओं और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता में भारत का योगदान भी इसी सोच को दर्शाता है।

एआई और तकनीक के दौर में भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत

बदलती वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), ऊर्जा, खनिज संसाधन, तकनीक और आपूर्ति शृंखलाएं अब देशों की आर्थिक एवं रणनीतिक ताकत को प्रभावित कर रही हैं। ऐसे समय में दुनिया को भरोसेमंद साझेदारों की जरूरत है। भारत अपनी तकनीकी क्षमताओं और सहयोग की नीति के माध्यम से इस भूमिका को मजबूत करना चाहता है।

25 करोड़ लोगों के गरीबी से बाहर आने का दावा

प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत में लगभग 25 करोड़ लोग गरीबी से बाहर आए हैं। उन्होंने सरकार की प्राथमिकता लोगों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें विकास के नए अवसर उपलब्ध कराने की बताई। साथ ही, उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और उद्यमिता से जुड़े अवसर अब केवल बड़े महानगरों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छोटे शहरों और कस्बों में भी नए उद्यम सामने आ रहे हैं।

7.8 प्रतिशत विकास दर और 700 अरब डॉलर से अधिक विदेशी मुद्रा भंडार

आर्थिक मोर्चे पर प्रधानमंत्री ने भारत की विकास दर 7.8 प्रतिशत रहने और विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर से अधिक होने का उल्लेख किया। उन्होंने कारोबार को आसान बनाने, आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाने और निवेश के अनुकूल माहौल तैयार करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उनका कहना था कि आर्थिक प्रगति का लाभ व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचना चाहिए।

सस्ते इंटरनेट ने छोटे शहरों के युवाओं के लिए खोले रास्ते

मोदी ने कहा कि वर्ष 2014 के बाद मोबाइल डेटा की कीमतों में आई कमी ने देश में डिजिटल पहुंच को बढ़ाया है। इससे छोटे शहरों और कस्बों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षा, जानकारी और रोजगार से जुड़े अवसरों तक पहुंचने में मदद मिली है। डिजिटल तकनीक ने आम लोगों के लिए नई संभावनाएं पैदा की हैं।

पारदर्शिता और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर

प्रधानमंत्री ने सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे लाभार्थियों तक पहुंचाने और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने को महत्वपूर्ण बदलाव बताया। उन्होंने भ्रष्टाचार में कमी आने का भी दावा किया। भारत को लोकतंत्र की जननी बताते हुए मोदी ने कहा कि शासन का उद्देश्य केवल शक्ति का इस्तेमाल करना नहीं, बल्कि नागरिकों को सशक्त बनाना और उन्हें आगे बढ़ने के अवसर देना है।

15 अक्टूबर तक चलेगा फोरम

तीन दिवसीय ब्लूमबर्ग न्यू इकोनॉमी फोरम का समापन 15 अक्टूबर को होगा। इस वर्ष इसकी थीम बदलती दुनिया में शक्ति के नए स्रोतों को निर्धारित करने पर केंद्रित है। ऐसे समय में जब वैश्विक अर्थव्यवस्था, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय संबंध तेजी से बदल रहे हैं, भारत की भूमिका और उसकी विकास संबंधी प्राथमिकताएं इस आयोजन के प्रमुख चर्चा विषयों में शामिल हैं।

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