जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में उपराष्ट्रपति ने 9वें दीक्षांत समारोह में युवाओं को शिक्षा और चरित्र निर्माण का संदेश दिया

Vin News Network
Vin News Network
3 Min Read
उपराष्ट्रपति ने कहा – शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं, बल्कि चरित्र और बौद्धिक विकास का माध्यम है।

नई दिल्ली: भारत के उपराष्ट्रपति श्री सी. पी. राधाकृष्णन ने आज जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के 9वें दीक्षांत समारोह को संबोधित किया। समारोह के दौरान उन्होंने स्वामी विवेकानंद की शिक्षाओं का स्मरण करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य व्यक्ति के चरित्र का निर्माण, बौद्धिक क्षमता को मजबूत करना और व्यक्तियों को सशक्त बनाना होना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने विशेष रूप से युवाओं से आग्रह किया कि वे शिक्षा का उपयोग केवल अकादमिक उपलब्धियों तक नहीं, बल्कि राष्ट्र के विकास और अपने व्यक्तिगत विकास के लिए करें। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह साधन है, जिसके माध्यम से युवा 2047 में विकसित भारत (Viksit Bharat@2047) का विज़न साकार कर सकते हैं।

अपने संबोधन में श्री राधाकृष्णन ने आधुनिक विज्ञान और परंपरागत मूल्यों के संतुलन पर जोर दिया। उनका कहना था कि ज्ञान और तकनीकी प्रगति के साथ-साथ हमारे सांस्कृतिक और नैतिक मूल्यों को भी बढ़ावा देना आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में बहस और असहमति महत्वपूर्ण हैं, लेकिन इसका अंतिम उद्देश्य निर्णय लेना होना चाहिए। इसके बाद सभी संबंधित पक्षों को सामूहिक रूप से सहयोग करते हुए उन निर्णयों को लागू करना चाहिए।

उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर छात्रों को अपने विचार स्वतंत्र रूप से व्यक्त करने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल नौकरी या डिग्री पाने का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारियों को समझने और उन्हें निभाने का अवसर भी प्रदान करती है।

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के कुलाधिपति श्री कंवल सिबल, कुलपति प्रोफेसर संतिश्री धुलिपुडी पंडित, विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र और उनके परिवार भी उपस्थित थे। उन्होंने समारोह में छात्रों को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन और योगदान के लिए बधाई दी।

उपराष्ट्रपति का संदेश स्पष्ट था कि शिक्षा का असली उद्देश्य केवल अकादमिक उपलब्धि नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण, बौद्धिक विकास और राष्ट्र की प्रगति में योगदान करना होना चाहिए। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय का यह दीक्षांत समारोह युवाओं के लिए प्रेरणा और शिक्षा के महत्व को पुनः रेखांकित करने वाला रहा।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *