दुबई में इस साल होने वाले एशिया कप 2025 के लिए भारतीय क्रिकेट टीम पूरी तरह कमर कस चुकी है। टीम के खिलाड़ी शुक्रवार को आईसीसी अकादमी ओवल पहुंचे और पहले नेट सत्र में हिस्सा लिया। इस दौरान सबसे बड़ा आकर्षण यह रहा कि भारतीय खिलाड़ी बिना प्रायोजक वाली जर्सी पहनकर अभ्यास करते नजर आए। इससे यह संकेत मिल रहे हैं कि टीम एशिया कप के दौरान भी ‘क्लीन जर्सी’ में ही मैदान पर उतरेगी। हाल ही में भारतीय टीम के मुख्य प्रायोजक ड्रीम-11 ने बीसीसीआई के साथ अपना अनुबंध समाप्त कर दिया है। इंग्लैंड दौरे तक टीम इंडिया की जर्सी पर ड्रीम-11 का लोगो दिखाई देता था, लेकिन अब खिलाड़ियों की जर्सी पर कोई स्पॉन्सर नाम नहीं है।
ड्रीम-11 ने बीसीसीआई के साथ तोड़ा करार
ड्रीम-11 के बीसीसीआई से अलग होने की मुख्य वजह हाल ही में पारित ‘ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025’ माना जा रहा है। इस बिल के लागू होने के बाद कंपनी के संचालन पर कई तरह की पाबंदियां आ गईं, जिससे उसे अपने विज्ञापन व करार की शर्तें पूरी करने में मुश्किलें आईं। अंततः ड्रीम-11 ने अनुबंध से बाहर निकलने का फैसला किया। इसका असर सीधे भारतीय टीम की जर्सी पर दिखा। अब तक भारतीय क्रिकेट टीम की जर्सी पर लगातार प्रायोजक कंपनियों के लोगो नजर आते रहे हैं। लंबे समय बाद ऐसा हुआ है कि टीम बड़े टूर्नामेंट में बिना प्रायोजक वाली जर्सी में उतरने जा रही है। बीसीसीआई फिलहाल नए मुख्य प्रायोजक की तलाश में है।
अभ्यास सत्र का पहला दिन
दुबई पहुंचते ही टीम इंडिया ने शुक्रवार को आईसीसी अकादमी ओवल में पहला नेट सत्र किया। उमस भरी गर्मी के बावजूद खिलाड़ियों ने जमकर पसीना बहाया। शुभमन गिल ने नेट्स पर लंबा समय बिताया और जसप्रीत बुमराह की धारदार गेंदबाजी का सामना किया। यह मुकाबला देखने लायक था क्योंकि गिल का बैटिंग फॉर्म और बुमराह की रफ्तार, दोनों ही अभ्यास में भी दर्शनीय थे। कप्तान सूर्यकुमार यादव, जो हर्निया की सर्जरी के बाद मैदान पर वापसी कर रहे हैं, उन्होंने भी गिल के साथ बल्लेबाजी अभ्यास किया। सूर्यकुमार के शॉट्स देखने के लिए स्टाफ और कुछ दर्शक भी नेट्स के पास रुके।
सैमसन-जितेश की प्रतिस्पर्धा
टीम के विकेटकीपर स्लॉट को लेकर दिलचस्प मुकाबला चल रहा है। संजू सैमसन और जितेश शर्मा दोनों ही इस स्थान के दावेदार हैं। अभ्यास सत्र के दौरान सैमसन ने 30 मिनट तक बल्लेबाजी अभ्यास किया। वहीं जितेश शर्मा ने विकेटकीपिंग अभ्यास किया। सैमसन की नजर जितेश के अभ्यास पर भी रही, जिससे यह संकेत मिलता है कि चयन को लेकर अंदर ही अंदर दोनों में प्रतिस्पर्धा है।
युवा खिलाड़ियों की तैयारी
नेट सत्र से पहले खिलाड़ियों ने वार्मअप किया। जितेश, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा ने बल्लेबाजी की। अभिषेक ने गेंदबाजी अभ्यास भी किया। टीम के गेंदबाजी कोच मोर्ने मोर्कल ने शिवम दुबे के रन अप और गेंदबाजी एक्शन पर बारीकी से नजर रखी। युवा खिलाड़ियों के इस जोश ने टीम के माहौल को सकारात्मक बनाया है। टीम मैनेजमेंट का मानना है कि नए चेहरे एशिया कप में टीम को ऊर्जा देंगे।
फिटनेस ड्रिल पर जोर
तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह और हर्षित राणा ने गेंदबाजी के अलावा फिटनेस ड्रिल पर अधिक समय बिताया। बुमराह और हार्दिक पांड्या भी अपने फिटनेस स्तर पर काम करते नजर आए। यह सब इसलिए ताकि 10 सितंबर से शुरू होने वाले एशिया कप में खिलाड़ी 100% फिट होकर उतरें।
एशिया कप में भारत के मुकाबले
भारत को एशिया कप में अपना पहला मैच 10 सितंबर को मेजबान यूएई के खिलाफ खेलना है। 14 सितंबर को टीम का सामना पाकिस्तान से होगा, जबकि 19 सितंबर को मुकाबला ओमान के साथ होगा। 20 सितंबर से प्लेऑफ शुरू होंगे। भारत इस टूर्नामेंट में खिताब बचाने के इरादे से उतरेगा। टीम प्रबंधन का मानना है कि इस बार प्रतिस्पर्धा और भी कड़ी होगी क्योंकि एशिया की सभी बड़ी टीमें अपनी सर्वश्रेष्ठ तैयारी के साथ उतरेंगी।
खिताब बचाने की चुनौती
भारतीय टीम ने पिछले एशिया कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब जीता था। इस बार भी फैंस को उम्मीद है कि टीम खिताब का बचाव करेगी। हालांकि पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश जैसी टीमों के मजबूत स्क्वॉड भारतीय टीम के लिए चुनौती पेश करेंगे। टीम इंडिया की बल्लेबाजी में जहां शुभमन गिल, सूर्यकुमार यादव, अभिषेक शर्मा और तिलक वर्मा जैसे युवा खिलाड़ी हैं, वहीं गेंदबाजी में बुमराह, अर्शदीप, हार्दिक और हर्षित राणा जैसे तेज गेंदबाज शामिल हैं।
बिना प्रायोजक जर्सी का अलग प्रभाव
बिना प्रायोजक वाली जर्सी भारतीय क्रिकेट के इतिहास में नई शुरुआत की तरह देखी जा रही है। इससे खिलाड़ियों के मनोबल पर कोई असर नहीं पड़ा है। टीम के सूत्रों का कहना है कि खिलाड़ी टूर्नामेंट पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं और बीसीसीआई जल्द ही नए प्रायोजक का ऐलान करेगा।