पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) के सनौर से विधायक Harmeet Singh Pathanmajra को पटियाला पुलिस ने आखिरकार गिरफ्तार कर लिया है। रेप, धोखाधड़ी और आपराधिक धमकी जैसे गंभीर आरोपों में घिरे विधायक पिछले सात महीनों से फरार चल रहे थे। पुलिस के अनुसार, सितंबर 2025 से लापता बताए जा रहे आरोपी का हाल ही में सुराग मिलने के बाद उसे हिरासत में लिया गया।
विधायक के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज होने के बाद अदालत उन्हें भगोड़ा घोषित कर चुकी थी और उनके खिलाफ लुकआउट नोटिस भी जारी किया गया था। गिरफ्तारी के बाद अब उन्हें अदालत में पेश किया जाएगा।
रेप, धोखाधड़ी और धमकी के आरोप
यह मामला सितंबर 2025 का है, जब Zirakpur की रहने वाली एक महिला ने Civil Lines Police Station में शिकायत दर्ज करवाई थी।
महिला का आरोप है कि विधायक ने खुद को तलाकशुदा बताकर उससे संबंध बनाए और बाद में वर्ष 2021 में शादी की। शिकायत के अनुसार, उस समय विधायक पहले से विवाहित थे, जिससे यह कथित तौर पर धोखाधड़ी का मामला बनता है।
पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि विधायक ने उसे अश्लील सामग्री भेजी, मानसिक दबाव बनाया और धमकियां दीं। शिकायत दर्ज होने के बाद से ही आरोपी विधायक पुलिस कार्रवाई से बचते रहे।
2 सितंबर से थे फरार
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, विधायक 2 सितंबर 2025 से फरार बताए जा रहे थे। कई बार उनके आवास और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की गई, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आए।
लंबे समय तक गिरफ्तारी न होने पर विपक्षी दलों ने भी सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए और आरोप लगाया कि कार्रवाई में देरी की जा रही है।
विधायक ने वीडियो जारी कर दी थी सफाई
फरारी के दौरान नवंबर 2025 में विधायक ने एक वीडियो जारी कर दावा किया था कि वह फरार नहीं हैं, बल्कि अपनी जान बचाने के लिए छिपे हुए हैं।
उन्होंने आरोप लगाया था कि पुलिस उनकी “फर्जी मुठभेड़” करने की कोशिश कर रही थी और उनकी कार पर गोली चलाई गई थी। विधायक ने कहा था कि “भगवान की कृपा से” वह बच गए।
हालांकि पुलिस ने इन आरोपों की पुष्टि नहीं की थी और तलाश जारी रखने की बात कही थी।
लगातार छापेमारी के बाद गिरफ्तारी
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, विधायक के घर और कई अन्य स्थानों पर बार-बार छापे मारे गए। तकनीकी निगरानी और खुफिया जानकारी के आधार पर आखिरकार पुलिस को उनकी लोकेशन मिली, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
अब आरोपी विधायक पुलिस हिरासत में हैं और आगे की पूछताछ जारी है।
राजनीतिक विवाद भी तेज
यह मामला शुरू से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है क्योंकि आरोपी सत्तारूढ़ दल Aam Aadmi Party के विधायक हैं। विपक्षी दलों ने गिरफ्तारी में देरी को लेकर सरकार पर दबाव बनाया और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए।
अब गिरफ्तारी के बाद इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है।
कानूनी प्रक्रिया के तहत पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश करेगी और रिमांड की मांग कर सकती है। मामले की जांच के दौरान और भी तथ्य सामने आने की संभावना है।
यह मामला न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि राजनीतिक जवाबदेही के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई इस केस की दिशा तय करेगी।